
रांची। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के भाजपा में शामिल होने पर मुहर लग गई है। आधिकारिक रूप से वह 30 अगस्त को पार्टी की सदस्यता लेंगे। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट शेयर कर इसकी जानकारी दी है। बता दें कि दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा के बागी वरिष्ठ नेता चंपई सोरेन के बीजेपी में शामिल होने पर फैसला हुआ। चर्चा ऐसी भी है कि चंपई सोरेन के साथ-साथ जेएमएम के कई बड़े नेता भी उनके साथ बीजेपी में शामिल हो सकते हैं।
21 अगस्त को चंपई ने नई पार्टी बनाने का ऐलान किया था
चंपई सोरेन (Champai Soren) ने 21 अगस्त को अपने आवास पर नई राजनीतिक पार्टी के गठन की घोषणा की थी। चंपई ने कहा था, ‘हम राजनीति से संन्यास नहीं लेने वाले हैं। मैंने जो नया अध्याय शुरू किया है, उसमें मैं नए संगठन को मजबूत करूंगा और अगर मुझे रास्ते में कोई अच्छा दोस्त मिला, तो मैं उस दोस्ती के साथ लोगों और राज्य की सेवा के लिए आगे बढ़ूंगा…’ एक सप्ताह के अंदर सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा।
Champai Soren vs Hemant Soren
चंपई सोरेन भी जेएमएम से जुड़े हुए हैं और हेमंत सोरेन के पिता और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के भाई हैं। वह एक अनुभवी राजनेता हैं और झारखंड के विकास में योगदान देने के लिए जाने जाते हैं।
हेमंत सोरेन झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के नेता हैं और वर्तमान में झारखंड के मुख्यमंत्री हैं। वह राज्य के विकास और आदिवासी समुदायों के अधिकारों के लिए काम करने के लिए जाने जाते हैं।
दोनों नेताओं के बीच की तुलना उनकी नीतियों, कार्यशैली और राजनीतिक दृष्टिकोण में अंतर को दर्शाती है। हेमंत सोरेन को अधिक युवा और प्रगतिशील नेतृत्व के रूप में देखा जाता है, जबकि चंपई सोरेन को अनुभवी और परंपरागत नेतृत्व के प्रतीक के रूप में देखा जाता है।
जानें अब तक क्या-क्या हुआ…
- चंपई सोरेन के साथ 16 अगस्त को JMM विधायक समीर मोहंती, दशरथ गगराई, नीरल पूर्ति, चमरा लिंडा, रामदास सोरेन, संजीव सरदार और मंगल कालिंदी के भी भाजपा में शामिल होने की चर्चा शुरू हो गई थी। जब उनसे सवाल पूछा गया तो उन्होंने इसे अफवाह बताया।
- 18 अगस्त को अचानक चंपई सोरेन के कोलकाता के दमदम एयरपोर्ट से दिल्ली जाने की जानकारी सामने आती है। वे 1 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरते हैं। यहां उनकी बीजेपी के शीर्ष नेताओं से मुलाकात को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
- जब उनसे पूछा गया कि क्या वह बीजेपी में शामिल होने जा रहे हैं तो चंपई ने साफ कहा- ‘मैं जहां हूं, वहीं रहूंगा।’
- कुछ देर बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर एक लंबा पोस्ट लिखा और कहा कि ‘JMM में उन्हें कुर्सी से हटाकर अपमानित किया गया है। अब उनके पास तीन ही विकल्प बचे हैं- रिटायर हो जाएं, नई संस्था बनाएं या किसी के साथ चले जाएं…
- 20 अगस्त को रांची के सीएम हाउस में अचानक हंगामा मच गया। जिन विधायकों के बारे में कहा जा रहा था कि वे चंपई सोरेन के साथ हैं, वे अचानक एक-एक कर सीएम हाउस पहुंच गए। यहां उन्होंने सीएम हेमंत सोरेन से करीब 3 घंटे तक मुलाकात की।
- इसके बाद विधायकों ने कहा कि ‘हम मजबूती से सीएम हेमंत सोरेन के साथ थे, हैं और रहेंगे। मैं JMM छोड़कर कहीं नहीं जा रहा हूं।
चंपई सोरेन का राजनीतिक करियर
- 1991 में पहली बार चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत दर्ज की।
- 1995 में JMM के टिकट पर जीत हासिल की।
- 2005 से लगातार चंपई सोरेन सरायकेला से विधायक हैं।
- NDA सरकार में 11 सितंबर 2010 से 18 जनवरी 2013 तक कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं।
- 2019 में परिवहन, SC-ST और पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री बने।
- बिहार-झारखंड के बंटवारे में शिबू सोरेन के साथ अहम भूमिका निभाई।
- चंपई सोरेन को झारखंड टाइगर नाम से जाना जाता है।