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इंफ्लूएंसर्स के उन्हीं रिव्यू पर करें यकीन जिसमें कमी और तारीफ दोनों की बात हो

सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स ने कहा-सिर्फ तारीफ बताने वाले वीडियो पर न करें भरोसा

प्रीति जैन- फेस्टिवल सीजन शुरू हो चुका है और सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स के जरिए कंज्यूमर के पास ढेर सारी जानकारी पहुंच रही है, ऐसे में कई बार सवाल उठता है कि रिव्यू किए जा रहे स्टोर्स व प्रोडक्ट्स वाकई उतने शानदार हैं जितना इंफ्लूएंसर्स बता रहे हैं। आखिर कैसे तय करें कि जो पुष्टि इंफ्लूएंसर्स कर रहे हैं, वो सही है या नहीं। कई बार रिव्यूज पेड होते हैं जिसमें इंफ्लूएंसर्स को प्रोडक्ट की तारीफ ही करना होती है। इस बार में जब शहर के कुछ सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स से बात की तो उन्होंने कहा कि रिव्यू करते वक्त हमारे शब्दों को ध्यान से सुनें। यदि हम पेड प्रमोशन भी करते हैं और लगता है कि स्टोर या प्रोडक्ट ज्यादा ठीक नहीं है तो हम उसकी तारीफ करने जगह उस जगह पर उपलब्ध दूसरी चीजों के बारे में बताने लगते हैं।

झूठी तारीफ की पोल लॉन्ग टर्म में खुल जाएगी

सोशल मीडिया पर आने वाले सवालों और शिकायतों का जवाब देकर और अपनी पोस्ट पर कमेंट्स को हैंडल करती हूं। बतौर इंफ्लूएंसर मेरा ईमानदार रहना जरूरी है क्योंकि कुछ दिन तक तो मैं तारीफें करके अपना काम चला लूंगी लेकिन लॉन्ग टर्म में लोग जान जाते हैं कि रिव्यू ईमानदारी से किया गया है या नहीं। मसलन, मैं किसी मेकअप आर्टिस्ट के मेकअप की तारीफ उसका काम अच्छा न होने के बावजूद भी करूं और जब क्लाइंट उसके पास पहुंचे तो यही सोचेगा कि इंफ्लूएंसर ने गलत जानकारी दी, वो आगे मेरा वीडियो क्यों देखेगा यदि उसके पैसे बर्बाद हुए। मैं पहले खुद ट्राय करती हूं, ठीक लगने पर उसका वीडियो प्रमोशन करती हूं। इसका एक फायदा यह भी होता है कि सिर्फ बड़े ब्रांड्स ही जुड़ते हैं। -रश्मि गोल्या, सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर

क्लाइंट से कह देता हूं रिव्यू में कमी बताना भी जरूरी है

मैं कोशिश करता हूं कि पेड प्रमोशन में भी ईमानदार रहूं और जिनसे हमने काम लिया है उनको भी कह देता हूं कि कुछ कमी लगेगी तो वो बताना होगी, ताकि आपका प्रोडक्ट या सर्विस लोगों को सच्चे लगें। हमेशा तारीफ करने से इंफ्लूएंसर्स की क्रेडिबिल्टिी भी घटती है। यदि मैं बुराई नहीं कर रहा तो ज्यादा तारीफ भी उस लोकेशन, स्टोर, प्रोडक्ट या सर्विस की नहीं करता जो मुझे ठीक नहीं लगे। कंज्यूमर को इंफ्लूएंसर की शब्दावली पर भी ध्यान देना चाहिए, बाकि डीएम या कॉल करके सही बात और जान सकते हैं। जो चीज ठीक नहीं होती उसकी दावे के साथ तारीफ नहीं करता। ऐसे रील्स देखकर कंज्यूमर्स सही इंफ्लूएंसर का पता लगा सकते हैं। -चिन्यम गोधा, इंफ्लूएंसर, अपडेट बस भोपाल

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