
इंदौर। पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल गुरुवार को अफसरों पर नाराज होते दिखाई दिए। पटेल ने फटकार लगाते हुए अफसरों को यहां तक कह दिया की मीटिंग कर रहे हो या मजाक। हम भी भारत सरकार से आए हैं, हमको ज्ञान मत बताओ, अगली बार ऐसा नहीं होना चाहिए। दरअसल मंत्री पटेल की अध्यक्षता में क्षेत्रीय कर्मचारी राज्य बीमा की रीजनल बैठक आयोजित हुई। बैठक में जब संभाग स्तरीय विकास कार्यों और उनसे जुड़े फैसलों पर चर्चा की बारी आई, तो राज्य बीमा निगम के अधिकारी ही आपस में विभिन्न कार्यों के प्रस्ताव को लेकर एक दूसरे का विरोध करते नजर आए। इतना ही नहीं बैठक के एजेंडे पर चर्चा के लिए जो बुकलेट प्रहलाद पटेल के समक्ष प्रस्तुत की गई थी, उसमें भी ना तो क्रम में एजेंडे लगाए गए थे और ना ही बुकलेट पर रिमार्क के लिए फ्लैग थे।
ये है पूरा मामला
बैठक में जब मंत्री पटेल ने अधिकारी से संबंधित एजेंडे पर चर्चा की तो बुकलेट में संबंधित मामले की जानकारी खोजने लगे। इसके बाद एक कर्मचारी ने बुकलेट खोलकर एजेंडा बताया। इससे नाराज प्रहलाद पटेल को बोलना पड़ा कि दोबारा ऐसा मत करना कि फाइल में फ्लैग नहीं है।
मंत्री पटेल ने ये भी दिए निर्देश
- जीर्णशीर्ण आवासीय भवनों को खाली कराएं ।
- डिस्पेन्सरियों एवं अस्पताल से बटने वालीं दवाओं की उपलब्धता समय पर हो।
- अधिक से अधिक श्रमिकों का पंजीयन कराने के लिए अभियान चलाएं।
अस्पताल का प्रस्ताव भेजें
मंत्री प्रहलाद पटेल ने सतना, मंडीदीप एवं जबलपुर में अस्पताल निर्माण के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। पूर्व से संचालित अस्पताल एवं डिस्पेंसरीयों को अपग्रेड करने के निर्देश भी उन्होंने दिए।
बैठक में ये थे मौजूद
बैठक में प्रमुख सचिव श्रम विभाग एवं क्षेत्रीय परिषद उपाध्यक्ष सचिन सिन्हा, श्रम आयुक्त इन्दौर एस धनराजू, क्षेत्रीय निदेशक एवं सदस्य सचिव क्षेत्रीय परिषद एम रूबानी आदि अधिकारी मौजूद थे।