
इंदौर। इंदौर के लोग केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के स्वागत सत्कार की तैयारी में जुटे हैं। वे 14 जुलाई को 51 लाख पौधरोपण कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान उन्हें पीतल से बनी 17 किलो वजनी भारतीय न्याय संहिता पर की प्रतिलिपि भेंट की जाएगी। यह प्रतिलिपि इंदौर के एडवोकेट लोकेश ने बनाई है। बता दें कि इससे पहले एडवोकेट लोकेश ने पीतल से निर्मित करीब 32 किलो की 54 पन्नों की संविधान की प्रतिलिपि तैयार की थी।
प्रतिलिपि में चित्रों के माध्यम से संविधान की मूल भावना को दर्शाया गया है। इसे तैयार करने में उन्हें करीब तीन से चार महीने का समय लगा था। वही 1 जुलाई को लागू हुई भारतीय न्याय संहिता को उन्होंने 4 घंटे में तैयार किया है। लोकेश का कहना है कि उन्हें इसे बनाने की प्रेरणा मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से मिली।
पीतल ही क्यों
पीतल से बनाने का कारण बताते हुए लोकेश मंगल ने कहा कि संविधान विशेषज्ञों, धर्म गुरुओं ने पीतल को शुद्ध बताया है। यही वजह है कि स्थाई दस्तावेज और अमर गाथा के लिए पीतल का ही चयन किया गया है।
प्रतिलिपि की खासियत
इसमें कुल 28 पृष्ठ है। इसकी चौड़ाई 7 इंच और लंबाई 9 इंच है। वजन 17 किलो है। इसकी छपाई के लिए 40 गेज की पीतल की शीट का उपयोग किया है। इस किताब को 80 लोगों ने मिलकर 4 घंटे में तैयार किया है। इसमें 1 जुलाई को लागू भारतीय न्याय संहिता के नए कानूनों का उल्लेख है। साथ ही इसमें किस अपराध में किस धारा और क्या सजा दी जाएगी यह चित्र के माध्यम से बताया गया है। लोकेश ने बताया कि इस प्रतिलिपि के पहले और आखिरी पन्ने को लेजर से प्रिंट किया गया है। बाकी अन्य जगह पर दो तरफा प्रिंट है। 28 पेज पर 51 पेज प्रिंट किए गए हैं। इसकी कीमत 1400 रुपए है।