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मनीष सिसोदिया की बढ़ीं मुश्किलें, लुकआउट सर्कुलर जारी; विदेश जाने पर लगी रोक

शराब घोटाले के मामले में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई की है। दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया समेत 14 लोगों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी कर दिया है। इसके साथ ही मनीष सिसोदिया सहित सभी 14 लोगों के विदेश जाने पर रोक लगा दी गई है।

मनीष सिसोदिया ने किया ये ट्वीट

लुकआउट नोटिस जारी होने से ठीक पहले मनीष सिसोदिया की तरफ से एक ट्वीट किया गया। जिसमें उन्होंने पीएम मोदी का एक पुराना वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में पीएम मोदी सीबीआई छापेमारी को लेकर तत्कालीन यूपीए सरकार को घेरते दिख रहे हैं, वो कह रहे हैं कि सीबीआई छापेमारी गुजरात को बदनाम करने के लिए की जा रही है। सरकार एजेंसी का इस्तेमाल कर रही है। इसे शेयर करते हुए सिसोदिया ने लिखा- माना कि धीरे-धीरे तो, मौसम भी बदलते रहते हैं, आपकी रफ्तार से तो, हवाएं भी हैरान हैं साहब…

ये क्या नौटंकी है मोदी जी ?

लुकआउट नोटिस जारी होने के बाद मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर लिखा- आपकी सारी रेड फैल हो गई, कुछ नहीं मिला, एक पैसे की हेरा फेरी नहीं मिली, अब आपने लुकआउट नोटिस जारी किया है कि मनीष सिसोदिया मिल नहीं रहा। ये क्या नौटंकी है मोदी जी ? मैं खुलेआम दिल्ली में घूम रहा हूं, बताइए कहां आना है ? आपको मैं मिल नहीं रहा ?

क्या होता है लुकआउट सर्कुलर ?

दरअसल, लुकआउट सर्कुलर को लुकआउट नोटिस भी कहा जाता है। अर्थ दोनों का एक ही है। बता दें कि ये एक सर्कुलर होता है, जिसे एजेंसी के अधिकारियों द्वारा ये सुनिश्चित करने के लिए जारी किया जाता है कि आपराधिक मामले में नामित शख्स देश छोड़कर भाग ना सके। ज्यादातर तौर पर ये नोटिस तब जारी किया जाता है, जब नामित व्यक्ति को लेकर डर हो कि ये फरार हो सकता है।

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वहीं, पुलिस कुछ मामलों में व्यक्ति की देश से बाहर आवाजाही पर रोक लगाने के अदालत का दरवाजा खटका सकती है। ऐसा तब होता है, जब किसी मामले में कोई शख्स संदिग्ध हो या दोषी हो और अधिकारियों को डर हो कि वो देश छोड़कर भाग सकता है।

किस के पास है नोटिस जारी करने का अधिकार ?

लुकआउट सर्कुलर जारी करने के मामले में ईडी का नाम ज्यादातर सामने आता है। हालांकि, कानूनी तौर पर कई एजेंसी और अथॉरिटीज हैं जिन्हें ये नोटिस जारी करने का अधिकार है। किसी प्रदेश के डिप्टी सेक्रेटरी, जॉइंट सेक्रेटरी या उससे ऊपर वाली रैंक के अधिकारियों को नोटिस जारी करने का अधिकार है। वहीं, जिला मजिस्ट्रेट, एसपी, इंटरपोल ऑफिसर पर भी ये अधिकार होता है।

14 घंटे तक सिसोदिया के घर रही CBI

दरअसल, 20 अगस्त की सुबह सीबीआई की एक टीम ने मनीष सिसोदिया के घर पर छापेमारी की थी। ये छापेमारी करीब 14 घंटे तक चली। इस दौरान सीबीआई ने बताया कि आबकारी नीति मामले को लेकर सिसोदिया और बाकी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जिसके तहत ये छापेमारी की गई है। हालांकि, छापेमारी के बाद क्या निकला, ये एजेंसी की तरफ से साफ नहीं किया गया। इसे लेकर आम आदमी पार्टी की तरफ से तंज भी कसा जा रहा है। कहा जा रहा है कि इतनी बड़ी छापेमारी के बाद भी सीबीआई के हाथ कुछ नहीं लग पाया।

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