
सेना में भर्ती के लिए केंद्र सरकार की अग्निपथ स्कीम के खिलाफ बिहार के कई शहरों लगातार दूसरे दिन भी बवाल जारी है। राजनीतिक दलों के साथ-साथ आम युवा भी इसका विरोध जता रहे हैं। जहानाबाद और बक्सर में छात्रों ने सड़कों को जाम कर दिया। वहीं, जहानाबाद में छात्रों ने NH-83 और NH-110 को जाम कर आगजनी भी की।
मुंगेर और नवादा में सड़क जाम
गुरुवार सुबह से ही प्रदर्शनकारियों ने मुंगेर में पटना-भागलपुर मुख्य मार्ग को सफियाबाद के पास जाम कर दिया है। वहीं, नवादा में सैकड़ों युवाओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रजातंत्र चौक पर जमकर हंगामा करने लगे। बता दें कि इससे पहले बक्सर, मुजफ्फरपुर, गया में भी विरोध हुआ था। सेना में चार साल की भर्ती वाली इस स्कीम से नाराज युवाओं ने कल पत्थरबाजी भी की थी।
अग्निपथ भर्ती योजना का क्यों हो रहा है विरोध ?
दरअसल, सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आर्म्ड फोर्सेज में 4 साल की नौकरी के लिए अग्निपथ भर्ती योजना शुरू की। जिसके तहत 90 दिनों के अंदर करीब 46 हजार भर्तियां होनी है। बता दें कि ये भर्तियां देश के सभी जिलों से होंगी। लेकिन कई युवा इससे खुश नहीं है।
कहा जा रहा है कि इससे पिछले दो साल में हुई परीक्षाओं का कोई औचित्य नहीं रह गया। क्योंकि, वो भर्तियां भी इसी प्रोग्राम के तहत होंगी। वहीं, परीक्षा देकर रिजल्ट का इंतजार कर रहे कई स्टूडेंट्स सरकार के इस फैसले से नाराज हैं। सड़कों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी गुस्सा देखा जा रहा है।
गुस्साए छात्रों ने क्या कहा ?
- अग्निपथ योजना को लेकर नाराज छात्रों का कहना था कि केंद्र सरकार की ये योजना गलत है, इसमें चार साल में रिटायर कर दिया जाएगा, फिर आगे हम क्या करेंगे ?
- चार साल बाद जॉब मिलने की क्या गारंटी रहेगी ? कहीं जॉब ना मिली तो क्या होगा ?
- नौकरी की कोई सिक्योरिटी नहीं। नौकरियों में कम से कम 20-30% का आरक्षण दिया जाए, जो अग्निपथ से युवा 4 साल पूरे करके निकले। तब भी कुछ समझ आता है, वरना युवा कहां-कहां भटकेगा ?
- युवा सवाल कर रहे हैं कि 25 फीसदी अग्निवीरों को तो कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के बाद स्थायी काडर में शामिल कर लिया जाएगा, लेकिन बाकी 75 फीसदी अग्निवीरों का चार साल बाद क्या होगा ? उन्हें भत्ता तो सरकार दे देगी, लेकिन नौकरी कहां से आएगी ?
- इससे युवाओं की देशभक्ति की भावना पर असर पड़ेगा। 4 साल जॉब करके युवा वापस घर आ जाए इससे शर्मनाक कुछ भी नहीं है। आर्मी की ट्रेनिंग के साथ हो तो बेरोजगारी और खाली बैठकर वे भटक भी सकता है।
- अग्निपथ वालों के लिए अलग से चार साल बाद भी नौकरी की कुछ व्यवस्था हो जाए तो युवा उसके हिसाब से तैयारी कर सकता है, लेकिन अभी जो वर्तमान में सरकार ने पेशकश की है, वो कहीं से भी उचित नहीं है।
क्या है अग्निपथ योजना ?
दरअसल, केंद्र सरकार ने 14 जून को सेना की तीनों शाखाओं- थलसेना, नौसेना और वायुसेना में युवाओं की बड़ी संख्या में भर्ती के लिए अग्निपथ भर्ती योजना शुरू की है। बता दें कि इस स्कीम के तहत नौजवानों को 4 साल के लिए डिफेंस फोर्स में सेवा देनी होगी। माना जा रहा है कि सरकार ने ये कदम तनख्वाह और पेंशन का बजट कम करने के लिए उठाया है।
अग्निपथ योजना के मुख्य बिंदु
- हर साल करीब 45 हजार युवाओं को सेना में शामिल किया जाएगा।
- साढ़े 17 साल से 21 साल की उम्र के युवाओं को ही इस योजना का लाभ मिलेगा।
- ये भर्तियां मेरिट और मेडिकल टेस्ट के आधार पर की जाएंगी।
- चयनित युवाओं को चार साल के लिए सेना में सेवा देने का मौका मिलेगा।
- इन चार वर्षों में अग्निवीरों को 6 महीने की बेसिक मिलिट्री ट्रेनिंग दी जाएगी।
- अग्निवीरों को 30 हजार से 40 हजार महीना सैलरी और अन्य फायदे दिए जाएंगे।
- इन दौरान अग्निवीर तीनों सेनाओं के स्थायी सैनिकों की तरह अवॉर्ड, मेडल और इंश्योरेंस कवर पाएंगे।
- चार साल पूरे होने के बाद 25 फीसदी को स्थायी काडर में भर्ती किया जाएगा।
- चार साल बाद जो अग्निवीर बाहर होंगे उन्हें सेवा निधि पैकेज के तहत करीब 12 लाख रुपये एकमुश्त मिलेंगे।
नई योजना में किन चीजों को शामिल किया गया है
- इस योजना में 4 साल बाद सैनिकों की समीक्षा की जाएगी।
- जवानों को नौकरी से छोड़ते वक्त सेवा निधि पैकेज मिलेगा।
- इस योजना में पेंशन नहीं होगी, लेकिन एकमुश्त पैसा दिया जाएगा।
- इस सेना के तहत भर्ती होने वाले सैनिक अग्निवीर कहलाएंगे।
- इस योजना के तहत भर्ती किए जाने वाले ज्यादातर जवानों को चार साल बाद मुक्त कर दिया जाएगा।
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