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घर-घर कविता का अलख जगाने वाले कवि साहित्यकार पंडित राजेंद्र सहरिया नहीं रहे, जमर्नी विश्राम घाट पर हुआ अंतिम संस्कार

सोहागपुर। जाने-माने कवि सहित्यकार साहित्य परिषद सोहागपुर के पूर्व अध्यक्ष पंडित राजेंद्र सहारिया का आज  सुबह सवेरे हृदयाघात  से आकस्मिक निधन हो गया। लोकभाषा संस्कृति और बुंदेली कविताओं के प्रति समर्पित 70  वर्षीय सहारिया शिक्षक भी थे। सोहागपुर में साहित्य की पताका फहराने वाले  पंडित सहारिया का साहित्यिक योगदान सदैव रखा जाएगा।

घर-घर कविता अभियान के माध्यम से उन्होंने नई पीढ़ी को साहित्योन्मुखी बनाने में भरपूर योगदान दिया उनके इस अभियान ने क्षेत्र में साहित्य की जड़े और गहरी तथा मजबूत की है। गत दिवस नगर के गणमान्य नागरिकों और जनप्रतिनिधियों और  मित्रों परिजनों की उपस्थिति में उनको मुखाग्निक उनके पुत्र पदम कांत सहरिया ने दी। बेहद सम्मान पूर्वक निकाली गई उनकी अंतिम यात्रा में गूंजायमान संस्कृत के श्लोको ने वातावरण आध्यात्मिक बना दिया था।

साहित्य और धर्म क्षेत्र में छा गया शोक

सहारिया के निधन पर विधायक विजयपाल सिंह, अर्चना साहित्यिक सांस्कृतिक संस्था, परशुराम भवन निर्माण समिति, सर्व ब्राह्मण समाज, कड़ा मानिकपुरी जिझौतिया ब्राह्मण समाज कल्याण समिति, जवाहर लाल नेहरू महाविद्यालय परिवार, सोहागपुर शिक्षा समिति सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों ने शोक व्यक्त करते हुए श्रृद्धांजलि दी है उनके निधन के समाचार से समूचे साहित्य क्षेत्र एवं धर्म क्षेत्र में शोक छा गया।

वे बुंदेली के अच्छे गीतकार, कवि के साथ ही एक अच्छे कथावाचक और प्रकांड विद्वान थे। राजेंद्र सहारिया का निधन साहित्य क्षेत्र के लिए अपूर्णीय क्षति है।

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