
देश के सबसे बड़े LIC के IPO की कल यानी 17 मई को लिस्टिंग होनी है। रिकॉर्ड 6 दिनों तक खुले रहे एलआईसी के आईपीओ को लगभग हर कैटेगरी में बढ़िया रिस्पॉन्स मिला। बीते सप्ताह एलआईसी के शेयर भी अलॉट हो गए। हालांकि, लिस्टिंग से पहले IPO में सफल हुए इन्वेस्टर्स के लिए बुरी खबर सामने आ रही है। ग्रे मार्केट में LIC IPO का प्रीमियम (GMP) और गिर गया है, जिससे डिस्काउंट पर लिस्टिंग के संकेत मिल रहे हैं।
लिस्टिंग से पहले इतना गिर चुका जीएमपी
लिस्टिंग से एक दिन पहले सोमवार को LIC IPO का GMP शून्य से 25 रुपए तक नीचे गिर चुका है। एक समय यह ग्रे मार्केट में 92 रुपए के प्रीमियम के साथ ट्रेड कर रहा था। टॉप शेयर ब्रोकर के आंकड़ों के अनुसार, अभी LIC IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम शून्य से 15 रुपए नीचे है। जीएमपी से इसी बात का इशारा मिल रहा है कि इन्वेस्टर्स को पहले ही दिन नुकसान उठाना पड़ सकता है।
एलआईसी के आईपीओ को मिला ऐसा रिस्पॉन्स
देश के सबसे बड़े आईपीओ में 16,20,78,067 शेयर ऑफर किए गए थे और इनके लिए 47,83,25,760 बोलियां प्राप्त हुईं. पॉलिसी होल्डर्स की कैटेगरी में आईपीओ को 6.12 गुना सब्सक्राइब किया गया। इसी तरह एलआईसी के कर्मचारियों के लिए रिजर्व रखे गए हिस्से को 4.4 गुना सब्सक्राइब किया गया। रिटेल इन्वेस्टर्स का हिस्सा भी 1.99 गुना सब्सक्राइब किया गया। इनके अलावा QIB के लिए रखे गए हिस्से को 2.83 गुना और NII के हिस्से को 2.91 गुना सब्सक्राइब किया गया। कुल मिलाकर एलआईसी आईपीओ को 2.95 गुना सब्सक्रिप्शन मिला।
LIC बन जाएगी पांचवीं सबसे बड़ी कंपनी
बीएसई (BSE) और एनएसई (NSE) पर डिस्काउंट लिस्टिंग के बाद भी एलआईसी का मार्केट कैप (LIC MCap) 6 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा रहने के संकेत मिल रहे हैं। अगर ऐसा होता है तो एलआईसी बाजार में लिस्ट होते ही भारत की पांचवीं सबसे बड़ी पब्लिक कंपनी बन जाएगी।