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Morbi Bridge Collapse: हादसे में अब तक 134 की मौत, SIT ने शुरू की जांच; पीएम मोदी कल जाएंगे मोरबी

गुजरात के मोरबी में मच्छु नदी पर बना 143 साल पुराना केबल पुल रविवार शाम टूट गया। इस हादसे में अब तक 134 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 25 बच्चे भी शामिल हैं, मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। वहीं पीएम मोदी 1 नवंबर यानी कल मोरबी जाएंगे। इस दौरान वे घटनास्थल का जायजा लेंगे।

मोरबी हादसे में अब तक का अपडेट

  • हादसे में अब तक 134 लोगों की मौत हो गई है।
  • 177 लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है।
  • 19 लोगों का इलाज चल रहा है, 3 लोगों को राजकोट में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।
  • मोरबी सिविल अस्पताल में अन्य अस्पतालों से करीब 40 डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंची है।
  • मौके पर करीब 30 एंबुलेंस को तैनात किया गया है।
  • एनडीआरएफ की 5 टीमों में करीब 110 सदस्य रेस्क्यू में जुटे हैं।
  • जामनगर एसडीआरएफ की 2, वड़ोदरा और गोंधाल की 3-3 टुकड़ियां रेस्क्यू में जुटी हैं।
  • रेस्क्यू के लिए 20 बोट तैनात की गई हैं।

हादसे में मारे गए लोगों का नहीं होगा पोस्टमॉर्टम

गुजरात सरकार ने फैसला लिया है कि, मोरबी हादसे में मारे गए लोगों का पोस्टमॉर्टम नहीं किया जाएगा। वहीं हेल्पलाइन नंबर 02822243300) जारी किया गया है।

एक ही परिवार के सात लोगों की मौत

मोरबी पुल हादसे में एक ही परिवार के सात लोगों की मौत होने की खबर है। यह परिवार जामनगर जिले की ढ्रोल तालुका से ताल्लुक रखता था।

SIT टीम ने जांच शुरू की

मोरबी घटना के लिए बनाई गई एसआईटी टीम ने जांच शुरू कर दी है। एसआईटी की टीम, फॉरेंसिक एक्सपर्ट के साथ घटनास्थल पर पहुंची है। वहीं मोरबी एसपी राहुल त्रिपाठी ने बताया कि मैनेजमेंट के कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

मेंटेनेंस कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज

मोरबी पुल हादसा मामले में केबल ब्रिज का मेंटेनेंस करने वाली कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। कंपनी के खिलाफ आईपीसी की धारा 304, 308 और 114 के तहत केस दर्ज किया गया है।

पीएम मोदी का कार्यक्रम रद्द

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात और राजस्थान के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। पीएम मोदी ने मोरबी पुल हादसे के मद्देनजर सोमवार को अहमदाबाद में होने वाले अपने रोड शो को रद्द करने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री मोदी की वर्चुअल उपस्थिति में होने वाला पेज कमेटी स्नेह मिलन कार्यक्रम भी स्थगित कर दिया गया है।

6  महीने बाद आम लोगों के लिए खुला था पुल

हादसा रविवार शाम 6.30 बजे हुआ, 765 फीट लंबे और महज 4.5 फीट चौड़ा केबल सस्पेंशन पुल कई लोग घूमने आए थे। उसी दौरान पुल टूट गया और सभी लोग पानी में गिर गए। बताया जा रहा है कि, हाल ही में इस पुल की मरम्मत की गई थी। बता दें कि, 143 साल पुराना यह पुल 6 महीने से बंद था। मरम्मत के बाद 25 अक्टूबर को इसे आम लोगों के लिए खोला गया था।

रेस्क्यू में जुटीं तीनों सेनाएं

रेस्क्यू के लिए सेना, नेवी, एयरफोर्स एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, एसडीआरएफ की टीमें जुटी हुई हैं। अब तक 177 लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है। भारतीय सेना के मेजर गौरव ने बताया, रात करीब तीन बजे भारतीय सेना यहां पहुंच गई थी, शवों को निकालने की कोशिश की जा रही है। एनडीआरएफ की टीमें भी बचाव अभियान चला रही हैं।

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ब्रिज की लंबाई करीब 765 फीट है

मोरबी का यह सस्पेंशन ब्रिज 140 साल से भी ज्यादा पुराना है। ब्रिज की लंबाई करीब 765 फीट है। यह सस्पेंशन ब्रिज गुजरात के मोरबी ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए ऐतिहासिक धरोहर है। इस ब्रिज का उद्घाटन 20 फरवरी 1879 को मुंबई के गवर्नर रिचर्ड टेम्पल ने किया था। यह उस समय लगभग 3.5 लाख की लागत से 1880 में बनकर तैयार हुआ था। उस समय इस पुल को बनाने का पूरा सामान इंग्लैंड से ही मंगाया गया था।

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