
इलिनॉय। अमेरिका के हजारों शहर साल 2100 तक भूतिया कस्बों में बदल जाएंगे। इसका कारण जलवायु परिवर्तन, आबादी में कमी जैसी वजहों से होगा। शिकागो की यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनॉय में सिविल इंजीनियरिंग स्टूडेंट उत्तर सूत्रधार ने अपने दो साथियों लॉरिन स्पीयरिंग और सिबिल डेरिबल के साथ मिलकर यह स्टडी की है। उन्होंने अपनी स्टडी को अमेरिका के 50 राज्यों में किया। अमेरिकी जनसंख्या डेटा का पिछले 20 साल का ट्रेंड देखा। स्टडी के अनुसार इस सदी के अंत तक अमेरिका के 30 हजार शहरों में करीब आधे खाली हो चुके होंगे। इन शहरों की आबादी में 12 से 23 फीसदी की गिरावट होगी। पर्यावरण के हिसाब से दुरुस्त शहरों में आबादी इतनी तेजी से बढ़ेगी कि उन्हें आसपास नए शहर बसाने पड़ेंगे।
जलवायु परिवर्तन का असर अर्थव्यवस्था पर भी
अगर शहरों से लोगों को जाने से रोकना है तो स्थानीय प्रशासन और टाउन प्लानर्स को नई योजनाएं बनानी होंगी। वजह है जलवायु परिवर्तन। जितनी तेजी से मौसम बदल रहा है, उस हिसाब से कई तरह की आकस्मिक प्राकृतिक आपदाएं आएंगी। इन आपदाओं का असर फसलों की पैदावार और अन्य रोजगारों पर पड़ेगा। इससे अर्थव्यवस्था भी प्रभावित होगी।
43 फीसदी अमेरिकी शहर खो चुके हैं अपने लोग
सूत्रधार ने बताया कि 43% अमेरिका शहर अपने लोगों को खो रहे हैं। जैसे-जैसे सदी के अंत तक पहुंचेंगे, जलवायु परिवर्तन की वजह से ये बढ़कर 64% हो जाएगा। सबसे बुरी हालत अमेरिका के उत्तर-पूर्व और मध्य-पश्चिम का इलाके में होगी। टेक्सास और उटाह अभी तो विकसित हो रहे हैं लेकिन 2100 तक इनकी हालत भी खराब हो जाएगी। इस समय भी अमेरिका में कई शहर ऐसे हैं, जहां मौसमी बदलाव की वजह से लोगों की आबादी एक जगह से दूसरी जगहों पर शिफ्ट हो रही है।