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PM मोदी की मौजूदगी में ट्रंप का ऐलान : अमेरिका से भारत जाएगा 26/11 मुंबई आतंकी हमले का गुनहगार तहव्वुर राणा, 16 सालों बाद होगा इंसाफ

मुंबई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 26/11 मुंबई आतंकी हमले के दोषी तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण की मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान ट्रंप ने यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि राणा को भारत में न्याय का सामना करना होगा। बता दें कि, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने राणा के प्रत्यर्पण को मंजूरी दी थी, जिसके बाद यह कदम उठाया गया। भारतीय जांच एजेंसियां 16 साल से राणा के प्रत्यर्पण का इंतजार कर रही थीं। राणा पर 2008 में मुंबई आतंकवादी हमलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आरोप है।

ट्रंप ने क्या कहा ?

ट्रंप ने कहा कि, उन्हें यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि उनके प्रशासन ने 2008 के मुंबई आतंकी हमले के साजिशकर्ता तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी है। राणा अब भारत में न्याय का सामना करने के लिए वापस जाएगा। यह घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने की गई। ट्रंप ने कहा कि, दुनिया के सबसे बुरे अपराधियों में से एक और मुंबई हमले के साजिशकर्ताओं में से एक को भारत भेजने का फैसला किया गया है।

कोर्ट ने भी दे दी थी मंजूरी

अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने 25 जनवरी 2024 को मुंबई हमले के दोषी तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण को मंजूरी दी थी। 13 नवंबर 2024 को राणा ने अपने प्रत्यर्पण के फैसले के खिलाफ अपील की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने 21 जनवरी 2025 को इसे खारिज कर दिया। राणा को 2009 में FBI ने गिरफ्तार किया था। वह पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक है और 2008 के मुंबई आतंकी हमले का आरोपी है। मुंबई हमले की चार्जशीट के अनुसार, राणा ने हमले के मास्टरमाइंड डेविड हेडली की मदद की थी। वह ISI और लश्कर-ए-तैयबा का सदस्य है। इस समय तहव्वुर राणा लॉस एंजिल्स की जेल में बंद है।

कौन है तहव्वुर राणा

पाकिस्तान में जन्में तहव्वुर राणा ने आर्मी मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई की और पाकिस्तान आर्मी में 10 साल तक बतौर डॉक्टर काम किया। भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों में शामिल रहने वाला तहव्वुर राणा अभी कनाड़ा का नागरिक है। वर्तमान में वह शिकागो का निवासी था, जहां उसका बिजनेस है। अदालत के दस्तावेजों के मुताबिक उसने कनाड़ा, पाकिस्तान, जर्मनी और इंग्लैंड की यात्राएं की हैं और वहां रहा है। वह लगभग 7 भाषाएं बोल सकता है।

26/11 मुंबई हमले की प्लानिंग की थी

अदालत के दस्तावेजों के मुताबिक, उसने 2006 से लेकर नवंबर 2008 तक तहव्वुर राणा ने पाकिस्तान में डेविड हेडली और दूसरे लोगों के साथ मिलकर साजिश रची। इस दौरान तहव्वुर राणा ने आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और हरकत उल जिहाद ए इस्लामी की मदद की। उसने मुंबई आतंकी हमले की प्लानिंग की और इसे पूरा करने में मदद की। इस मामले में आतंकी हेडली सरकारी गवाह बन गया है।

हमले में मारे गए थे 166 लोग

26 नवंबर 2008 की उस खौफनाक रात को आज भी याद कर लोगों की रूह कांप उठती है। उस दिन पाकिस्तान से आए जैश-ए-मोहम्मद के 10 आतंकवादियों ने मुंबई को बम धमाकों और गोलीबारी से दहला दिया था। जिसमें 18 सुरक्षाकर्मी समेत 166 लोग मारे गए थे। वहीं करीब 300 लोग घायल हो गए थे। हमले से तीन दिन पहले यानी 23 नवंबर को 10 हमलावर कराची से नाव के रास्ते मुंबई में दाखिल हुए थे।

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