किसान आंदोलन के भविष्य पर मंगलवार को संयुक्त किसान मोर्चा ने दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर अहम बैठक की। केंद्र सरकार ने संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से बनाई गई पांच सदस्यीय कमेटी को उनकी लंबित मांगों को लेकर एक लिखित प्रस्ताव भेजा है। जिसमें केंद्र की ओर से कहा गया कि पहले आंदोलन वापसी का एलान किया जाए फिर मुकदमें वापस होंगे। एमएसपी को लेकर कमेटी बनाई जाएगी और उचित मुआवजा दिया जाएगा।
पांच सदस्यीय कमेटी ने की चर्चा
मंगलवार को सिंघु बॉर्डर पर सरकार के इस प्रस्ताव पर दो घंटे से ज्यादा समय तक चली संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में चर्चा हुई। सूत्रों का कहना है कि केंद्र के प्रस्ताव पर किसान नेताओं की राय बंटी हुई है। वहीं केंद्र के लिखित प्रस्तवा में बिजली संशोधन विधेयक और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय कुमार मिश्र का कोई जिक्र नहीं है। प्रस्ताव पर पहले तो किसान मोर्चा के पांच सदस्यीय कमेटी ने आपस में चर्चा की उसके बाद इस मुद्दे पर बैठक में बातचीत की गई।
बैठक में अधिकतर मांगों पर बनी सहमित
सिंघु बॉर्डर पर बैठक में कई किसान सगंठन सरकार के प्रस्ताव से संतुष्ट दिखाई दिए। बैठक से बाहर आने के बाद किसान नेता कुलवंत संधु ने कहा कि बैठक में अधिकतर मांगों पर सहमित बन गई है और कल एलान हो जाएगा। हालांकि ये किसान मोर्चा का आधिकारिक बयान नहीं है। इस बैठक में जगजीत सिंह डल्लेवाल, बलदेव सिंह सिरसा, प्रो. दर्शन पाल, जंगवीर चौहान और कुलवंत सिंह समेत अन्य नेता मौजूद रहे।