
पानीपत। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन-खालिस्तान टाइगर फोर्स (KTF) के लिए फंड जुटाने वाले आंतकियों के खिलाफ छापेमारी की है। यह संगठन आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए फंड इकट्ठा कर रहा था। NIA की टीम ने गोला-बारूद और विस्फोटकों की तस्करी करने की आपराधिक साजिश में पंजाब में नौ और हरियाणा में एक जगह तलाशी ली है।
National Investigation Agency today conducted searches at nine locations in Punjab and one in Haryana in connection with a criminal conspiracy to raise funds for the banned terrorist organization Khalistan Tiger Force (KTF), and also smuggle arms, ammunition and explosives for it… pic.twitter.com/NS06qV3Pq7
— ANI (@ANI) June 6, 2023
पिछले साल 20 अगस्त को दर्ज किया था केस
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय जांच एजेंसी ने पिछले साल 20 अगस्त को एक केस दर्ज किया था। आईपीसी की धाराओं में केस दर्ज किए गए। इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से एजेंसी ने इसी मामले की जांच के दौरान दो लोगों को गिरफ्तार किया था। वे कनाडा मूल के नामित आतंकी अर्शदीप दल्ला और खालिस्तान टाइगर फोर्स के सदस्य थे।
बड़ी वारदातों को अंजाम देने की थी साजिश
KTF के लिए फंड जुटाने के अलावा बॉर्डर पार से हथियार, गोला-बारूद और एक्सप्लोसिव की तस्करी की साजिश में शामिल लोगों पर भी ये रेड हुई। जानकारी के मुताबिक, KTF की तरफ से पंजाब और हरियाणा में बड़ी वारदातों की तैयारी की जा रही थी। जिसमें धमाकों से लेकर टारगेट किलिंग तक शामिल है। जिसके बारे में जानकारी मिलने पक जांच एजेंसी ने एक साथ KTF से जुड़े संदिग्ध लोगों पर छापेमार कार्रवाई की।
खिलौना बेचने वाले के घर छापेमारी
NIA की टीम ने पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब जिले में खिलौना बेचने वाले पर रेड की है, उससे काफी देर पूछताछ की गई। इसके अलावा फिरोजपुर के तलवंडी भाई क्षेत्र में भी रेड की गई। यहां के करीब 5 गांवों से कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। सभी से KTF की फंडिंग और हथियार तस्करी की साजिश में शामिल होने को लेकर पूछताछ की जा रही है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय आतंकी संगठन करार दिया
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 4 महीने पहले KTF को आतंकी संगठन करार करते हुए कहा था कि, ”खालिस्तान टाइगर फोर्स कट्टरपंथी संगठन है। इसका मकसद पंजाब में फिर आतंकवाद फैलाना है। इस संगठन का पंजाब में टारगेट किलिंग के पीछे भी हाथ है। गृह मंत्रालय का कहना है कि ये संगठन भारत की क्षेत्रीय अखंडता, एकता, राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता को चुनौती देता है”।