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ब्लैंक आउट होने से बचने के लिए रात की नींद पूरी लें, परफॉर्मेंस प्रेशर एंग्जाइटी से बचें

सीबीएसई एग्जाम : विचारों पर नियंत्रण रखने के लिए खेलकूद, म्यूजिक, वॉकिंग या जो पसंद हो करें

प्रीति जैन- सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) की 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने में दो दिन बाकी हैं। इसके साथ ही स्टूडेंट्स के भीतर परीक्षा को लेकर दबाव बढ़ता हुआ दिखने लगा है। काउंसलर्स के पास स्कूल व निजी काउंसलिंग में आ रहे मामलों में कई बार ज्यादा पढ़ने वाले बच्चे क्रेमिंग का शिकार बन रहे हैं, यानी वे इतनी ज्यादा इंफॉर्मेशन अपने सब्जेक्ट को लेकर परीक्षा से ठीक पहले तक लेते रहते हैं कि उन्हें कंफ्यूजन होने लगता है। यह समस्या अक्सर आखिरी वक्त तक कुछ नया पढ़ लेने की बेचैनी के चलते होता है। परीक्षा के दौरान तनाव की वजह से ब्लैंक आउट हो जाता है।

पढ़ाई के बीच ब्रेक लेकर करें दूसरे काम

परीक्षा को खतरे के तौर पर समझने पर तनाव की प्रतिक्रिया शुरू हो जाती है। इससे दिमाग खाली हो जाता है और तार्किक सोचने में परेशानी आती है। ब्लैंक आउट से बचने के लिए अपने विचारों पर नियंत्रण रखने के लिए खेलकूद, म्यूजिक, ब्रिक वॉकिंग या जो पसंद हो उसके लिए समय जरूर निकाले। पूरे समय पढ़ते रहने से दिमाग में जानकारियां स्टोर नहीं होती, बल्कि मेंटल फटिग होता है। पढ़ाई के बीच से ब्रेक लेकर कुछ दूसरे काम भी करें।

बिलीफ सिस्टम को निगेटिव न करें

मेरा सुझाव स्टूडेंट्स को यही होता है कि परीक्षा से पहले जिस समय पेपर होता है, उसी समय अपने घर में लिखने की प्रैक्टिस करें ताकि उस समय नींद न आए। अक्सर लेट नाइट स्टडी करने वाले स्टूडेंट्स को परीक्षा हॉल में नींद सताती रहती है, जिसकी वजह से वे अपनी पूरी क्षमता से नहीं लिख पाते। दूसरा, परफार्मेंस प्रेशर एंग्जाइटी से बचें क्योंकि हमेशा अच्छा परफॉर्म करने वाले स्टूडेंट्स को भी यह डर सताता है कि यदि पेपर में कम अंक आए तो इमेज को धक्का लगेगा। तीसरा, फियर ऑफ फेलियर का होता है, जिसमें अधिकांश स्टूडेंट्स को लगता है कि वे एग्जाम हॉल में सब भूल जाएंगे। अपने बिलीफ सिस्टम को निगेटिव न करें क्योंकि ऐसा सोचने से सचमुच भूलने लगते हैं। चौथा, किसी दूसरे को काफी न करके अपने तरीके से चीजों को याद रखें। किसी को बोलकर याद होता है, किसी को लिखकर तो किसी को सुनकर। – सोनम छतवानी, मनोविशेषज्ञ, सीबीएसई हेल्पलाइन

परीक्षा से पहले रात की नींद पूरी करें

परीक्षा से एक रात पहले तक बच्चे पढ़ाई करते हैं और सुबह बिना कुछ खाए पेपर देने जाते हैं, ऐसे बच्चों को अक्सर परीक्षा देते समय सिरदर्द या चक्कर आते हैं। मेंटल के साथ फिजिकल हेल्थ ठीक होना भी जरूरी है। अब परीक्षा में तीन दिन बाकी हैं, तो रात को 7 से 8 घंटे की नींद जरूर लें क्योंकि जो पढ़ा है, वो नींद पूरी होने पर ही दिमाग में बैठेगा। एग्जाम टाइम पर यदि कुछ समझ नहीं आ रहा तो टीचर से संपर्क करने में न झिझकें। इसके अलावा पानी व नारियल पानी पीते रहें, ताकि हाइड्रेशन लेवल ठीक रहे। परीक्षा से संबंधित नियम जरूर पढ़कर जाएं। -डॉ. शिक्षा रस्तोगी, मनोविशेषज्ञ, सीबीएसई हेल्पलाइन

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