
भोपाल। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत देश के अलग अलग स्थानों पर जाने वालों को रेल, बस, टैक्सी और पानी के जहाज से ही तीर्थ दर्शन के लिए ले जाया जाता था लेकिन अब सरकार बुजुर्गों को वायुयान से तीर्थ स्थल तक लेकर जाएगी और लाएगी।
आगामी 21 मई से प्रदेश के तीर्थयात्रियों का हवाई सफर शुरू होने जा रहा है। योजना को संचालित करने वाले धर्मस्व विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक पहली बार 21 मई को योजना के चुनिंदा हितग्राहियों को भोपाल से प्रयागराज तक हवाई जहाज से ले जाया और वापस लाया जाएगा। इसके बाद 19 जुलाई तक 24 अन्य जिलों की बारी आएगी। इस बार के बजट में राज्य सरकार ने वायुयान के जरिए तीर्थ दर्शन कराने का प्रावधान किया था।
फिलहाल इन जिलों का हवाई-यात्रा में लगा नंबर
भोपाल, इंदौर, अलीराजपुर, धार, राजगढ़, रायसेन, सीहोर, झाबुआ, विदिशा, आगर-मालवा, बैतूल, देवास, हरदा, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, दमोह, रतलाम, शाजापुर, सागर, उज्जैन, खंडवा, बड़वानी, हुरहानपुर और खरगोन
65 पार को ही मिलेगा “बाय-एयर” आने-जाने का लाभ
इन जिलों से फिलहाल केवल चुनिंदा गंतव्य स्थलों तक जाने के लिए ही तीर्थ यात्रियों को हवाई सफर का अवसर हासिल होगा। सरकार के धर्मस्व विभाग ने तय किया है कि प्रयागराज, गंगासागर (पश्चिम बंगाल), मधुरा-वृंदावन (यूपी) और शिर्डी (महाराष्ट्र) तक जाने वाले तीर्थ यात्रियों को हवाई जहाज से लाया ले जाया जाएगा।
प्रयागराज और शिर्डी तक जाने वाले तीर्थ यात्रियों को सीधे गंतव्य स्थल तक, मधुरा- वृंदावन के तीर्थ यात्रियों को आगरा एवं गंगासागर जाने वालों को कोलकाता तक बाय एयर ले जाया जाएगा। इस योजना के लिए सरकार ने आईआरसीटीसी के साथ अनुबंध किया है। विभाग की उप सचिव पुष्पा कुलेश द्वारा जारी आदेश में ये साफ है कि इस निशुल्क हवाई सेवा का लाभ 65 साल से अधिक आयु के बुजुर्गों को ही मिल सकेगा।