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UK Protest : ब्रिटेन हिंसक प्रदर्शन में 150 से अधिक घायल, पीएम ने दंगाइयों को दी चेतावनी, कहा- हिंसा में शामिल लोगों को पछताना पड़ेगा

ब्रिटेन। उत्तर-पश्चिम इंग्लैंड में 3 लड़कियों की हत्या के बाद से ब्रिटेन में हिंसक झड़पें जारी हैं। ब्रिटेन के लिवरपूल, हल, ब्रिस्टल, लीड्स, ब्लैकपूल, स्टोक-आन-ट्रेंट, बेलफास्ट, नाटिंघम और मैनचेस्टर में कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पे हुई। ब्रिटेन में लेबर पार्टी की सरकार बनने के बाद से लगातार हिंसा की घटनाएं हो रही हैं। इमिग्रेशन विरोधी प्रदर्शनकारियों और इसका काउंटर करने वाले विरोधियों के बीच झड़प के बाद देशभर में हिंसा बढ़ी है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा, हिंसा में शामिल उपद्रवियों को पछताना होगा। हम उन पर कड़ी कार्रवाई करेंगे। हिंसा के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 100 गिरफ्तारियां की हैं।

क्यों शुरू हुआ प्रदर्शन

ब्रिटेन के साउथपोर्ट में 22 जुलाई की शाम लिवरपूल में नाबालिग ने एक डांस क्लास में कई लोगों पर चाकू से हमला किया था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले में 3 बच्चियों की मौत हो गई। इसके अलावा एक दर्जन लोग घायल हो गए। इस घटना के बाद से ही हिंसक प्रदर्शन शुरू हुए हैं। इस घटना को ऑनलाइन वायरल कर कहा गया, 17 साल नाबालिग आरोपी एक्सल मुगनवा रुदाकुबाना रवांडा मूल का है। वह ब्रिटेन में शरण चाहता है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

होटल को बनाया निशाना

4 अगस्त को दक्षिणपंथी प्रदर्शनकारियों ने उत्तरी इंग्लैंड के रॉदरहैम शहर में शरणार्थियों के लिए बने एक होटल में तोड़फोड़ की। हॉलीडे इन एक्सप्रेस नामक होटल में नारेबाजी करते हुए बोतलें फेंककर कई खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए। प्रदर्शनकारियों ने ईंट और पटाखे फेंके भी फेंके। इस होटल में 500 शरणार्थी रह रहे हैं। हालात को देखते हुए सरकार ने अब कार्रवाई के लिए पुलिस को फ्री हैंड दे दिया है। ब्रिटेन के पिछले 13 साल के इतिहास में यह सबसे बड़ा दंगा बताया जा रहा है।

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और हिंसा में फर्क- पीएम

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर कहा, प्रदर्शनकारी समुदायों को डराकर नफरत फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और जो हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं, दोनों अलग हैं। किसी भी प्रकार की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार सड़कों को सुरक्षित रखने के लिए सभी आवश्यक कार्रवाई करने को तत्पर है। इसके लिए सरकार पुलिस का पूरा समर्थन करती है।

पीएम ने कहा- उपद्रवियों को पछताना होगा

ब्रिटिश पीएम ने कहा, इसमें कोई शक नहीं है कि जो लोग इस हिंसा में शामिल हैं, उन्हें कानून की पूरी ताकत का सामना करना होगा। उन्हें पुलिस गिरफ्तार करेगी और रिमांड पर लेगी। इसके बाद उन्हें सजा भी दी जाएगी। ऑनलाइन भड़काने वाले और भाग जाने वाले लोग भी पछताएंगे। यह कोई विरोध प्रदर्शन नहीं बल्कि संगठित हिंसा है। इसका ब्रिटेन की सड़कों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कोई स्थान नहीं है। पीएम ने कहा हिंसा में शामिल सभी उपद्रवी पछताएंगे।

हिंसा में सामुदायिक एंगल मौजूद

22 जुलाई की घटना के बाद ऑनलाइन अफवाह फैली कि डांस क्लास में चाकू से हमला करने आरोपी एक मुस्लिम शरणार्थी था, जिससे लोगों में गुस्सा भड़क गया। ब्रिटिश लॉ के मुताबिक नाबालिग आरोपी की पहचान गोपनीय रखी जाती है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने नाम जाहिर करने का फैसला लिया। जिससे कि अफवाह न फैले। आरोपी एक्सेल रुदाकुबाना पर हत्या के तीन और हत्या के प्रयास के 10 मामलों में आरोप लगाए गए हैं।

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