
भोपाल। राजधानी समेत प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल गया है। रविवार देर रात से शुरू हुई मावठे की बारिश दूसरे दिन सोमवार को भी रुक-रुक कर जारी रही। 14 जिलों में बारिश दर्ज हुई। इससे कई जगह तापमान में गिरावट दर्ज हुई। 17.2 डिग्री के साथ छिंदवाड़ा सबसे ठंडा रहा। भोपाल सहित कई शहरों में भी दिन का पारा 6 से 8 डिग्री लुढ़क गया। भोपाल में दिन का तापमान 20.8 डिग्री रहा। बीते 24 घंटों में सबसे ज्यादा बारिश 3.32 इंच खरगोन में दर्ज हुई, जबकि इंदौर में दो इंच पानी गिरा। भोपाल में नवंबर में मावठे की बारिश ने 10 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। यहां 24 घंटे में 8.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
मौसम विज्ञानी डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि ईरान के आसपास पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव है। वहीं, चक्रवाती घेरा और ट्रफ लाइन भी गुजर रही है। प्रदेश के बीचों-बीच में चक्रवाती हवाओं का घेरा है। इससे प्रदेश में बारिश, ओलावृष्टि का दौर शुरू हो गया है, जो 30 नवंबर तक चलेगा। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में बारिश की संभावना जताई है।
कहां कितनी बारिश (मिली मीटर में)
खरगोन 84.0
इंदौर 50.8
धार 50.1
रतलाम 47.0
खंडवा 45.0
उज्जैन 33.0
नर्मदापुरम 15.2
बैतूल 18.2
भोपाल 8.80
पचमढ़ी 6.40
(आंकड़े: रविवार सुबह 8:30 से सोमवार शाम 5:30 बजे तक)
साफ हुई हवा गिरा एक्यूआई, भोपाल में प्रदूषण की स्थिति
स्थान 27 नवं. 26 नवं. 25 नवं. 24 नवं.
टीटी नगर 182 245 283 311
कलेक्टर ऑफिस 243 283 255 301
पर्यावरण परिसर 187 295 281 334
इंदौर: 2 इंच से ज्यादा बारिश हुई
शहर में 24 घंटे में 2 इंच से अधिक की बारिश हुई है। इसके बाद दिन के तापमान में सीधे 9 डिग्री की गिरावट आई। अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस और रात का पारा 114.6 आ गया।
यहां छाएगा घना कोहरा
सीहोर, खंडवा, खरगोन, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, मंदसौर, ग्वालियर, और भोपाल में कोहरा छाने से विजिबिलिटी 1000 मीटर तक सिमट सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने के साथ ही कई जिलों में ओले गिरने की आशंका है।
ग्वालियर में सुबह और शाम दोनों समय बूंदाबांदी ठंडी हवाएं चलीं
सुबह करीब 6:00 और शाम को लगभग 4:00 बजे बूंदाबांदी हुई है। सुबह के समय 0.6 एमएम बारिश दर्ज की गई। इससे मौसम और ठंडा हो गया है।
जबलपुर में एक्यूआई 232 पहुंचा
जबलपुर में बहुत हल्की बारिश हुई है। जिले में लगातार बढ़ रहे वायु प्रदूषण के चलते एक्यूआई 232 पर पहुंच गया है। एक्यूआई बढ़ने का कारण सड़क, फ्लाई ओवर के निर्माण कार्यों का होना है।
यह बारिश और तापमान में गिरावट गेहूं सहित दूसरी फसलों के लिए अमृतवर्षा है। खासकर शरबती गेहूं के लिए तो जीवनदान है। वहीं बारिश से फसलों को उनमें लगे कीट और रोग से भी राहत मिल जाती है। – बाबूलाल बिलैया, संयुक्त संचालक, भोपाल/नर्मदापुरम
सब्जियों के लिए बारिश फायदेमंद है, जिससे अभी टमाटर और मिर्च के साथ ही दूसरी फसलों की तेज बढ़त होगी। हफ्तेभर तक भी बारिश होती है तो सिर्फ पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, मेथी आदि को गलन से मामूली नुकसान हो सकता है। – डॉ. विजय अग्रवाल, वैज्ञानिक, केवीके, पवारखेड़ा