
प्रीति जैन- दूध के पोषक तत्वों को बारे में तो सभी जानते हैं लेकिन कई लोगों को दूध पसंद नहीं होता। गर्मी के मौसम में खासतौर पर दूध से बने ड्रिंक्स ट्राय किए जाते हैं। वहीं, जिन लोगों को दूध पसंद नहीं होता, वे अलग-अलग तरह से दूध से बने पेय ट्राय कर सकते हैं क्योंकि यह न सिर्फ एनर्जी देते हैं बल्कि इससे शरीर में ठंडक बनी रहती है। वर्ल्ड मिल्क डे (1 जून) के मौके पर डाइटीशियन व न्यूट्रिशनिस्ट से जाना पंजाब की खास कच्ची लस्सी की की रेसिपी और दूध के अलग-अलग ड्रिंक के बारे में जिन्हें गर्मियों के मौसम में पी सकते हैं और दूध के हेल्थ बेनिफिट के साथ टेस्ट भी पा सकते हैं।
खसखस-दूध का शरबत लें
दूध की कच्ची लस्सी गर्मी में ट्राय करें या फिर हंग कर्ड। यह सभी पौष्टिक व लू लगने से बचाने में काम करते हैं। वहीं, दूध जिन लोगों को सीधे तौर पर पसंद नहीं आता वे श्रीखंड, लस्सी, छेना, खीर, रबड़ी, वनीला मिल्क शेक, ड्रायफ्रूट मिल्क के रूप में इसका सेवन कर सकते हैं। दूध में खसखस शरबत, रोज शरबत, ड्रायफ्रूट्स मिलाकर भी पी सकते हैं।
समर में हंग कर्ड भी जरूर करें ट्राय
गर्मी के मौसम में लू से बचाव के लिए कच्ची लस्सी पी जा सकती है। यह दही से नहीं बल्कि दूध और पानी के मिश्रण से बनती है। इसके लिए एक गिलास में आधा दूध व आधा पानी मिलाकर उसमें अपने स्वाद के मुताबिक या तो इलायची पाउडर मिलाएं या रोज शरबत मिला सकते हैं। साथ में चीनी डालना चाहें तो डालें अन्यथा नहीं। इसे घर से बाहर जाने से पहले या दोपहर के समय घर में भी लिया जा सकता है। मैं इस रेसिपी को उन लोगों को सजेस्ट करती हूं, जो अक्सर गर्मी में बाहर जाते हैं। इसके अलावा हंग कर्ड भी जरूर ट्राय करें, क्योंकि इसमें दही का सारा पानी कपड़े से निचोड़कर निकल जाता है और फिर जो दही बचता है वो काफी स्वादिष्ट लगता है। इसके बनाने के लिए दही को सूती कपड़े के भीतर डालकर कम से कम दो घंटे के लिए लटका दें, फिर सर्व करें। – निधि शुक्ला पांडे, डाइटीशियन
ठंडी रबड़ी, वनीला मिल्क करें तैयार
दूध से कई सारे ड्रिंक्स बन सकते हैं। यदि प्लेन मिल्क या कुछ सीमित स्वाद पीकर बोर हो गए हैं तो कोल्ड केसर मिल्क, इलायची मिल्क, ठंडाई, रबड़ी के कई सारे μलेवर तैयार कर सकते हैं, जो बच्चे दूध पीने में आनाकानी करते हैं या जिन्हें दूध पसंद नहीं वे ऐसे वेरिएशन ट्राय कर सकते हैं। समर में इन मिल्क ड्रिंक्स में वनीला आइसक्रीम डालकर इसका स्वाद और बढ़ा सकते हैं। अब तो रबड़ी-फालूदा भी घर में बनाया जाने लगा है। -डॉ. रश्मि श्रीवास्तव, न्यूट्रिशनिस्ट