
इंदौर। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की रिपोर्ट के आधार पर रविवार रात को सरफराज मेमन को हिरासत में ले लिया गया। वह इंदौर के चंदन नगर का रहने वाला है। सुरक्षा एजेंसियों को जानकारी मिली थी कि, सरफराज 12 सालों से हांगकांग में रह रहा है और पाकिस्तान चीन में आतंकवादी ट्रेनिंग लेकर आया है। वह भारत में बड़ा हमला करने की फिराक में है। वहीं अब मुंबई एटीएस भी सरफराज से पूछताछ कर सकता है।
मुंबई एटीएस इंदौर इंटेलिजेंस को दी थी जानकारी
मुंबई एटीएस द्वारा इंदौर इंटेलिजेंस को सूचना दी गई कि, सरफराज मूलतः इंदौर के चंदन नगर स्थित ग्रीन पार्क कॉलोनी के फातमा अपार्टमेंट में रहने वाला है। चंदन नगर थाना पुलिस को जैसे ही सूचना मिली सरफराज के माता-पिता को उन्होंने हिरासत में लिया और देर रात तक उनसे कुछ जानकारियां जुटाईं।
सरफराज का जो पासपोर्ट पुलिस को मिला है, उसमें 15 बार चीन और हांगकांग की एंट्री दर्ज है। प्रारंभिक पूछताछ में उसने हांगकांग रहना स्वीकार किया। जिसके बाद पुलिस उससे अन्य जानकारियां अभी जुटा रही है। एटीएस द्वारा सरफराज के बैंक खाते और फोन नंबरों की जांच भी लगातार की जा रही है।
शांति के टापू मप्र में कानून का राज है: गृहमंत्री मिश्रा
मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का भी इस पर बयान आया है। उन्होंने कहा कि, NIA के इनपुट के आधार पर इंदौर पुलिस ने सरफराज मेमन को हिरासत में लिया है। पूरे मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है। शांति के टापू मध्य प्रदेश में कानून का राज है और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को नहीं छोड़ा जाएगा।
NIA के इनपुट के आधार पर इंदौर पुलिस ने
सरफराज मेमन को हिरासत में लिया है। पूरे मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है।शांति के टापू मध्यप्रदेश में कानून का राज है और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को नहीं छोड़ा जाएगा। pic.twitter.com/kO8MidWUiM
— Dr Narottam Mishra (@drnarottammisra) February 28, 2023
कुछ दिन पहले मिला था धमकी भरा ई-मेल
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को 3 फरवरी को एक अज्ञात व्यक्ति का ई-मेल मिला था, जिसमें तालिबान का सदस्य होने का दावा किया गया था, जिसमें मुंबई में आतंकी हमले को अंजाम देने की धमकी दी गई थी। NIA ने मुंबई पुलिस के साथ मामले की संयुक्त जांच शुरू की है।
सूत्रों के मुताबिक NIA की ई-मेल आईडी पर एक धमकी भरा मेल मिला था, जिसमें शहर में आतंकी हमले की धमकी दी गई थी। ई-मेल भेजने वाले ने खुद को तालिबानी बताया और दावा किया कि यह तालिबान के एक प्रमुख नेता सिराजुद्दीन हक्कानी के आदेश पर होने जा रहा था।