
इंदौर/ ऋषिकेश। इंदौर में दो दिन पहले ट्रेन से मिले महिला की लाश के टुकड़ों के बाकी हिस्से ऋषिकेश में ट्रेन से मिले हैं। इंदौर के लक्ष्मीबाई नगर से ऋषिकेश के बीच चलने वाली ट्रेन सोमवार को जब अपने गंतव्य पर पहुंची तो वहां के सफाई कर्मचारियों को ट्रेन की सफाई के दौरान एक बैग मिला। इसमें महिला के कुछ कटे हुए अंग मिले। इसके बाद उत्तराखंड पुलिस ने इंदौर में संपर्क किया। जांच में ये सामने आया है कि यह हिस्से उसी लाश के हैं जो इंदौर में एक ट्रेन से बरामद हुए थे। अब इंदौर की जीआरपी इस मामले की तफ्तीश के लिए ऋषिकेश जाएगी।
हाथ पर गुदे नाम से की जा रही शिनाख्त
पुलिस को प्रारंभिक जांच में महिला के गुजराती होने की जानकारी मिली है। हालांकि महिला की अब तक शिनाख्त नहीं हो पाई है, लेकिन उसकी एक कलाई पर मीरा बेन गोपाल भाई लिखा हुआ है। ऐसे में पुलिस अब इस नाम की गुमशुदा महिलाओं की डिटेल खंगाल रही है। जीआरपी इंदौर के थाना प्रभारी संजय शुक्ला के अनुसार पुलिस इस मामले में कई एंगल पर जांच कर रही है और जल्द ही इस केस को सुलझा लिया जाएगा।
बेहद शातिर बेरहम कातिल है
फिलहाल प्रारंभिक जांच में ये सामने आया है कि जिन दो ट्रेनों में अलग-अलग शवों के टुकड़े पैक करके रखे गए, उससे साफ है कि कातिल बेरहम होने के साथ ही बेहद शातिर भी है। उसने जानबूझकर लाश को टुकड़ों मे काटकर इसलिए ठिकाने लगाया ताकि पुलिस के लिए ये एक अनसुलझी पहेली बन जाए। पुलिस का अनुमान है कि जिन दो ट्रेनों में लाश के ये टुकड़े मिले हैं, वे एक ही समय पर उज्जैन स्टेशन पर आमने-सामने के प्लेटफॉर्म पर खड़ी होती हैं। इसके साथ ही शातिर हत्यारे को ये भी पता था कि उज्जैन स्टेशन के सीसीटीवी कैमरे बंद हैं। यही वजह है कि पुलिस अब तक इस केस में उलझी हुई है।
यह है मामला
इंदौर में दो दिन पहले उस समय सनसनी फैल गई थी जब रेलवे स्टेशन के यार्ड में खड़ी ट्रेन में महिला का टुकड़ों में शव मिला था। यह शव इंदौर-महू-नागदा के बीच चलने वाले पैसेंजर ट्रेन में अलग-अलग टुकड़े कर के रखा गया था। शव के टुकड़े रेगजीन के ट्रॉली बैग और बोरे में बंद कर रखे गए थे। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची जीआरपी ने मामले की जांच शुरू कर दी थी, लेकिन महिला के कई अंग तब नहीं मिले थे। अब ये बाकी के हिस्से ऋषिकेश में मिले हैं।
2 Comments