मप्र के रतलाम का एक और लाल देश की सेवा करते हुए शहीद हो गया है. बता दें कि रतलाम के मावता गांव के निवासी लोकेश कुमावत इंफाल में उग्रवादियों के साथ हुई गोलीबारी में शहीद हो गए। शहीद लोकेश कुमावत की पार्थिव देह शुक्रवार को उनके पैतृक गांव मावता लाई गई। यहां लोकेश को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी। शहीद की पार्थिव देह 9:30 बजे जावरा पहुंची, जहां रतलाम कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
वीर सपूत की एक झलक को उमड़ी भीड़
शहीद की पार्थिव देह गांव पहुंची तो पूरा क्षेत्र भारत माता के जयघोष से गूंज उठा। अपने वीर सपूत की एक झलक पाने के लिए लोगों की भीड़ लग गई। मां और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोगों ने जिस सपूत को कुछ दिन पहले ही तिलक लगाकर देश सेवा के लिए मणिपुर भेजा था वह आज तिरंगे में लिपटकर लौटा है।
आर्मी की इंफाल यूनिट में पदस्थ रतलाम के ग्राम मावता के वीर सपूत लोकेश कुमावत जी ने मातृभूमि की सेवा एवं अखण्डता की रक्षा करते हुए प्राण न्योछावर कर दिया। मैं उनके चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूं। @adgpi pic.twitter.com/vF8nWaGvia
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) December 3, 2021
सीएम शिवराज ने अर्पित की श्रद्धांजलि
सीएम शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर कहा, आर्मी की इंफाल यूनिट में पदस्थ रतलाम के ग्राम मावता के वीर सपूत लोकेश कुमावत जी ने मातृभूमि की सेवा एवं अखण्डता की रक्षा करते हुए प्राण न्योछावर कर दिया। मैं उनके चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूं।
कुमावत 2019 में सेना में शामिल हुए थे
बता दें कि लोकेश कुमावत की उम्र महज 22 साल थी और वह साल 2019 में ही सेना में शामिल हुए थे। हैदराबाद में ट्रेनिंग के बाद मणिपुर में ही पहली पोस्टिंग हुई थी और फिलहाल वह इंफाल में पदस्थ थे। कुछ माह पहले ही लोकेश छुट्टी पर घर आए थे और तब गांव वालों ने गाजे-बाजे के साथ तिलक लगाकर अपने इस सपूत का स्वागत किया था। इस स्वागत का वीडियो भी खूब वायरल हुआ था लेकिन अब अपने सपूत की शहादत से पूरा गांव गमगीन है।
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