
हेमंत नागले, इंदौर। सीबीआई कोर्ट ने साल 2013 में व्यापम परीक्षा के दौरान भर्ती घोटाले में 5 मुन्ना भाई को अलग-अलग धाराओं में आरोपी मानते हुए 3 वर्ष से 5 वर्ष तक का कारावास की सजा सुनाई है। फर्जी तरीके से अभ्यार्थी की जगह में बैठे हुए मुन्ना भाई की गिरफ्तारी हुई थी, जहां पर पुलिस द्वारा आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया था। लगातार प्रकरण विचाराधीन था। जहां सीबीआई कोर्ट द्वारा गुरुवार को 5 मुन्ना भाई को दोषी करार देते हुए सजा दी गई है।
क्या है घटनाक्रम
सीबीआई अधिवक्ता रंजन शर्मा ने बताया कि साल 2013 में पीएमटी परीक्षा के दौरान इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज में परीक्षा देते हुए परीक्षार्थी रविंद्र गुर्जर निवासी भिंड के स्थान पर विक्रांत नामक मुन्ना भाई द्वारा दी जा रही थी। इसके बाद रविंद्र कुमार के जब दस्तावेजों की जांच हुई तब यह जानकारी सामने आई कि रविंद्र कुमार के स्थान पर विक्रम नाम का मुन्ना भाई परीक्षा दे रहा है। इसके बाद एमजीएम मेडिकल कॉलेज द्वारा लिखित शिकायत पत्र दिया गया था।
#इंदौर : #सीबीआई कोर्ट ने 5 #मुन्ना_भाई को आरोपी मानते हुए 3 से 5 वर्ष तक का कारावास की सजा सुनाई। #व्यापम_परीक्षा में फर्जी तरीके से परीक्षा देने बैठे थे आरोपी। #रंजन_शर्मा, सीबीआई अधिवक्ता#MPNews #PeoplesUpdate #CBI #Indore #MunaaBhai #PMTExam #Vyapam pic.twitter.com/JyEC66iDZY
— Peoples Samachar (@psamachar1) May 11, 2023
7 आरोपियों में से 2 को मिल गई थी जमानत
घटना की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस द्वारा साथ मुन्ना भाई को आरोपी बना गया था। पूरी जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। पूरे मामले में जहां 7 आरोपियों में से 2 को जमानत मिल गई थी। वहीं 5 अन्य मुन्ना भाई… राम चित्र जाटव, रविंद्र कुमार, राकेश खन्ना, विक्रांत कुमार और बृजेश को दोषी ठहराया गया था, जहां रविंद्र कुमार और विक्रांत कुमार की जमानत हो गई थी। वहीं अन्य को कोट द्वारा सजा सुनाई गई है।