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भोपाल नगर निगम परिषद की बैठक में हंगामा, कांग्रेस पार्षदों ने अध्यक्ष की आसंदी को घेरा

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भोपाल नगर निगम परिषद की बैठक में हंगामा, कांग्रेस पार्षदों ने अध्यक्ष की आसंदी को घेरा
भोपाल नगर निगम परिषद की बैठक शुक्रवार को भारी हंगामे और नारेबाजी के बीच शुरू हुई। कांग्रेस पार्षदों ने महापौर और परिषद अध्यक्ष की गैरमौजूदगी और होर्डिंग हटाने के मुद्दे पर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। बैठक में 21 प्रस्तावों पर चर्चा की गई। इसमें शाहपुरा तालाब के सौंदर्यीकरण और अमृत प्रोजेक्ट के तहत पाइपलाइन बिछाने जैसे मुद्दे शामिल थे।

महापौर की गैरमौजूदगी पर हुआ हंगामा

कांग्रेस पार्षदों ने महापौर की बैठक में गैरमौजूदगी पर नाराजगी जाहिर की और ‘महापौर होश में आओ’ जैसे नारे भी लगाए। कांग्रेस के प्रदर्शन के होर्डिंग हटाए जाने के मुद्दे पर भी उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। कांग्रेस पार्षदों ने नगर निगम प्रशासन पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए आसंदी को घेर लिया। बीजेपी पार्षदों ने इस पर पलटवार करते हुए कहा कि होर्डिंग लगाने की न लेने अनुमति और किराया नहीं चुकाने के कारण उन्हें हटाया गया। परिषद अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने कांग्रेस पार्षदों को आश्वासन दिया कि इस तरह की कार्रवाई भविष्य में नहीं होगी।

शाहपुरा तालाब का होगा सौंदर्यीकरण

बैठक में 9.16 करोड़ रुपए की लागत से शाहपुरा तालाब का सौंदर्यीकरण और व्यवस्थित करने का प्रस्ताव पास हुआ। तालाब में मिलने वाले सीवरेज के पानी को रोकने और फुटपाथ निर्माण की योजना बनाई गई है। वहीं, अमृत प्रोजेक्ट के तहत 5 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से शहर में नई पाइपलाइन बिछाने का प्रस्ताव भी पारित किया गया है। इसके अलावा, खाली सामुदायिक भवनों को तीन साल के किराए पर देने और आरएएफ कैंपस हिनोतिया में पाइपलाइन बिछाने के लिए 4.5 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई।

तीन महीने बाद हुई बैठक

तीन महीने के लंबे अंतराल के बाद हुई इस बैठक में शहर से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा की गई। हालांकि, कांग्रेस ने मीटिंग में देरी और नगर निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए विरोध जारी रखा।

महापौर के कक्ष और वाहन पर चिपकाए पर्चे

वहीं कांग्रेस पार्षद और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महापौर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। इनका आरोप है कि महापौर को शहरवासियों की मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान देना चाहिए। लोगों को शहर में जो परेशानियो हो रही हैं उसे खत्म करना चाहिए, लेकिन महापौर इन सब पर ध्यान न देते हुए सिर्फ इलाकों के नामकरण ध्यान देती हैं। इसीलिए नगर निगम परिषद का नाम भी 'नामकरण परिषद' कर देना चाहिए। ये भी पढ़ें- RBI Bomb Threat : अब रिजर्व बैंक को मिली बम से उड़ाने की धमकी, रूसी भाषा में आया ईमेल; जांच में जुटी मुंबई पुलिस  
Wasif Khan
By Wasif Khan

फिलहाल जुलाई 2024 से पीपुल्स अपडेट में सब-एडिटर हूं। बीते 3 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हूं। 12वीं म...Read More

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