रायसेन में खाद के लिए किसानों का अनोखा विरोध, खून से चिट्ठी लिख CM मोहन यादव से मांगी मदद

रबी सीजन की बुवाई से पहले रायसेन के बाड़ी में डीएपी खाद की कमी से किसान परेशान हैं। टोकन वेबसाइट में आ रही दिक्कतों के कारण खाद मिलना मुश्किल हो रहा है। नाराज किसानों ने डबल लॉक केंद्र पहुंचकर मुख्यमंत्री को खून से पत्र लिखा। उन्होंने पर्याप्त खाद, आसान टोकन व्यवस्था और पारदर्शी वितरण की मांग उठाई।
खाद संकट पर किसानों ने खून से पत्र लिखा

रायसेन। खेतों में रबी फसलों की बुवाई का समय नजदीक है, लेकिन खाद की कमी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बाड़ी तहसील में डीएपी खाद नहीं मिलने और टोकन लेने में परेशानी होने से किसान नाराज हैं। शुक्रवार, 9 अक्टूबर को बड़ी संख्या में किसान डबल लॉक केंद्र पहुंचे। अपनी समस्या शासन तक पहुंचाने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम खून से पत्र लिखकर खाद की पर्याप्त व्यवस्था करने की मांग की। किसानों का कहना है कि समय पर खाद नहीं मिली, तो बुवाई में देरी हो सकती है और फसल उत्पादन पर भी असर पड़ने का डर है।

डीएपी की कमी से खेती का काम प्रभावित होने की चिंता

बाड़ी तहसील में डीएपी खाद की कमी को लेकर किसानों की परेशानी बढ़ती जा रही है। किसानों के अनुसार, रबी फसलों की बुवाई के लिए समय पर खाद मिलना जरूरी है। ऐसे में खाद की कमी से खेती का काम पिछड़ सकता है। किसानों ने बताया कि वे खाद लेने के लिए लगातार वितरण केंद्रों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें जरूरत के मुताबिक खाद नहीं मिल पा रही है। उनका कहना है कि यदि जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी, तो बुवाई और पैदावार दोनों पर असर पड़ सकता है।

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टोकन वेबसाइट में परेशानी, किसान लगा रहे चक्कर

खाद लेने के लिए बनाई गई ऑनलाइन टोकन व्यवस्था भी किसानों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। किसानों का कहना है कि वेबसाइट ठीक से काम नहीं कर रही, जिससे उन्हें टोकन नहीं मिल पा रहा है। इसके चलते उन्हें बार-बार केंद्र पहुंचना पड़ रहा है। आने-जाने में समय और पैसा खर्च हो रहा है। किसानों ने मांग की है कि वेबसाइट की तकनीकी समस्या जल्द दूर की जाए। यदि ऑनलाइन टोकन व्यवस्था ठीक नहीं होती, तो किसानों को खाद देने के लिए दूसरा आसान तरीका अपनाया जाए।

मुख्यमंत्री के नाम खून से लिखा पत्र

अपनी परेशानी को लेकर नाराज किसान शुक्रवार को डबल लॉक केंद्र पहुंचे और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम खून से पत्र लिखा। किसानों ने इसके जरिए जिले में खाद की उपलब्धता बढ़ाने की मांग की। उनका कहना है कि खेती किसानों की आजीविका का मुख्य साधन है और बुवाई के समय खाद नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक नुकसान का डर रहता है। किसानों ने संबंधित अधिकारियों से मामले को गंभीरता से लेने और जल्द राहत देने की अपील की।

किसानों ने उठाईं पांच प्रमुख मांगें

किसानों ने बाड़ी तहसील में जरूरत के अनुसार डीएपी खाद का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने टोकन वेबसाइट की खामी दूर करने और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था शुरू करने को कहा है। इसके अलावा खाद वितरण केंद्रों पर सही और पारदर्शी तरीके से खाद बांटने, लापरवाही के लिए जिम्मेदारी तय करने और खाद के स्टॉक व वितरण की रोज निगरानी करने की मांग भी रखी है। किसानों का कहना है कि इन कदमों से खाद लेने में आ रही दिक्कतों को कम किया जा सकता है।

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कई किसानों ने मिलकर उठाई आवाज

मुख्यमंत्री को पत्र लिखने वालों में मनकापुर के राजेंद्र सिंह, राजेश चौधरी, राजकुमार ठाकुर, जितेन ठाकुर, रामकुमार, प्रवीण सिंह, राधे चौधरी, होशियार सिंह, राहुल ठाकुर, आशीष, उमेश और वैनी सिंह शामिल रहे। सेमरीघाट के अमित कुमार, राजकुमार चौहान और धर्मेंद्र चौहान सहित कई अन्य किसानों ने भी अपनी बात रखी। किसानों को उम्मीद है कि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान दिया जाएगा और बुवाई के समय खाद की कमी दूर करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

EDIT BY: ADITI RAWAT

Buddhi Sharma
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