Pushpa Impossible: समृद्ध बावा और मुस्कान बामने ने साझा कीं नवरात्रि की खास यादें, गरबा नाइट्स से लेकर पसंदीदा व्यंजनों तक बताया अपना प्लान

नवरात्रि का त्योहार आते ही गरबा की धुन, रंग-बिरंगे कपड़े, सजे हुए पंडाल और स्वादिष्ट पकवानों की यादें ताजा हो जाती हैं। सोनी सब के लोकप्रिय शो ‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ के कलाकार समृद्ध बावा और मुस्कान बामने के लिए भी यह त्योहार बेहद खास है। शो में अश्विन का किरदार निभाने वाले समृद्ध बावा को अलग-अलग पंडालों में जाना और त्योहार के खास व्यंजनों का स्वाद लेना पसंद है। वहीं, शनाया की भूमिका निभाने वाली मुस्कान बामने के लिए नवरात्रि का सबसे बड़ा आकर्षण खूबसूरत घाघरा-चोली पहनकर दोस्तों के साथ गरबा खेलना है। दोनों कलाकारों ने नवरात्रि से जुड़ी अपनी पसंदीदा परंपराओं और यादों को साझा किया। उनकी बातें बताती हैं कि यह त्योहार सिर्फ पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि परिवार, दोस्तों, संगीत, खानपान और साथ मिलकर खुशियां मनाने का भी अवसर है।
समृद्धि बावा को पसंद है अलग-अलग नवरात्रि पंडालों में जाना
‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ में अश्विन का किरदार निभाने वाले समृद्ध बावा के लिए नवरात्रि का खास आकर्षण अलग-अलग पंडालों में जाना है। उन्हें हर पंडाल की सजावट, माहौल और उत्सव मनाने के तरीके को करीब से देखना पसंद है। समृद्ध के मुताबिक, हर पंडाल की अपनी अलग पहचान और ऊर्जा होती है। परिवार और दोस्तों के साथ इन जगहों पर जाना त्योहार के अनुभव को और भी यादगार बना देता है। नवरात्रि के दौरान शहरों में दिखाई देने वाली रौनक और लोगों का उत्साह इस त्योहार को खास बनाते हैं। समृद्ध को सिर्फ पंडालों की सजावट ही नहीं, बल्कि त्योहार में मिलने वाले खास व्यंजनों का भी इंतजार रहता है। व्रत में खाए जाने वाले पकवान और अलग-अलग पारंपरिक स्वाद उनके नवरात्रि अनुभव का अहम हिस्सा हैं।
समृद्धि बावा की नवरात्रि की पसंद-
- अलग-अलग पंडालों में जाकर उत्सव का माहौल देखना।
- परिवार और दोस्तों के साथ त्योहार मनाना।
- नवरात्रि के विशेष व्यंजनों का स्वाद लेना।
- व्रत में खाए जाने वाले पकवानों का आनंद उठाना।
- ‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ के सेट पर त्योहार की खुशियां साझा करना।
मुस्कान के लिए नवरात्रि का मतलब है गरबा और घाघरा-चोली
शो में शनाया का किरदार निभाने वाली मुस्कान बामने के लिए नवरात्रि का सबसे मजेदार हिस्सा गरबा नाइट्स हैं। उन्हें त्योहार के लिए तैयार होना, अपनी पसंद का आउटफिट चुनना और दोस्तों के साथ गरबा खेलने जाना बेहद पसंद है। मुस्कान के लिए घाघरा-चोली पहनने से लेकर संगीत की धुन पर दोस्तों के साथ नाचने तक, हर छोटी बात नवरात्रि की खुशी को बढ़ाती है। उनके मुताबिक, यह त्योहार ऊर्जा और उत्साह से भरपूर होता है। दोस्तों के साथ बिताई गई गरबा की शामें उनकी पसंदीदा यादों में शामिल हैं। नवरात्रि में गरबा और डांडिया की धुन पर लोग पारंपरिक कपड़े पहनकर एक साथ नाचते हैं। यही सामूहिक उत्सव त्योहार को खास बनाता है। मुस्कान की बातें भी इसी रंगीन माहौल और दोस्तों के साथ जुड़ी खुशियों को सामने लाती हैं।
मुस्कान बामने की नवरात्रि की खास बातें:
- पसंदीदा घाघरा-चोली पहनकर तैयार होना।
- दोस्तों के साथ गरबा खेलने जाना।
- संगीत और डांस के बीच त्योहार का आनंद लेना।
- गरबा नाइट्स की यादों को खास बनाना।
- शूटिंग सेट पर भी नवरात्रि की ऊर्जा महसूस करना।
‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ के सेट पर भी मनाई जाती है नवरात्रि
नवरात्रि का उत्साह सिर्फ कलाकारों की निजी जिंदगी तक सीमित नहीं रहता। समृद्ध बावा और मुस्कान बामने ने बताया कि ‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ की शूटिंग के दौरान भी उन्होंने त्योहार मनाया है। शो में बापोदरा चॉल की दुनिया दिखाई जाती है, जहां अलग-अलग किरदारों और उनके रिश्तों के जरिए रोजमर्रा की जिंदगी की कहानियां सामने आती हैं। ऐसे में नवरात्रि जैसे त्योहार को सेट पर मनाना कलाकारों के लिए भी एक खास अनुभव बन जाता है। समृद्ध के अनुसार, बापोदरा चॉल में त्योहार की भावना को जीवंत करने का मौका मिलना अच्छा अनुभव है। वहीं, मुस्कान के लिए सेट पर नवरात्रि की ऊर्जा महसूस करना और उसे अपने काम का हिस्सा बनाना खूबसूरत यादों में शामिल है।
नवरात्रि क्यों है खास?
नवरात्रि भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है। अलग-अलग क्षेत्रों में इसे मनाने के तरीके भले ही अलग हों, लेकिन भक्ति, उत्साह और सामूहिक खुशियां इस त्योहार की खास पहचान हैं। नवरात्रि के दौरान कई लोग व्रत रखते हैं, मंदिरों में दर्शन करते हैं और घरों में पूजा-अर्चना करते हैं। वहीं, शाम होते ही कई जगहों पर गरबा और डांडिया कार्यक्रमों की रौनक देखने को मिलती है।
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इस त्योहार से जुड़ी कुछ लोकप्रिय परंपराएं हैं-
- गरबा और डांडिया: दोस्तों और परिवार के साथ संगीत की धुन पर नाचना।
- पारंपरिक परिधान: रंग-बिरंगे घाघरा-चोली और अन्य पारंपरिक कपड़े पहनना।
- व्रत के पकवान: फलाहार और क्षेत्रीय परंपराओं के अनुसार तैयार व्यंजन खाना।
- पंडाल और पूजा: मां दुर्गा की आराधना करना और सजावट का आनंद लेना।
- परिवार और दोस्तों के साथ समय: मिलकर त्योहार मनाना और यादें बनाना।



















