CJP प्रदर्शनकारियों की हिरासत पर प्रियंका गांधी का सरकार पर हमला, बोलीं- देश में लोकतंत्र नहीं तानाशाही चल रही

दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन से जुड़े लोगों को हिरासत में लिए जाने के मामले ने राजनीतिक विवाद बढ़ा दिया है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने इस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर किया जा रहा है। प्रियंका ने दावा किया कि सरकार विरोध की आवाज दबाने और जवाबदेही से बचने की कोशिश कर रही है। प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार, हिरासत और दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को कमजोर करने वाली गतिविधियों में सहयोग करने वाले लोग देश के हितों के खिलाफ काम कर रहे हैं।
दिल्ली की घेराबंदी और प्रतिबंधों पर उठाए सवाल
प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि पहले 254 सांसदों के साथ मारपीट की गई और उन्हें अवैध तरीके से हिरासत में लिया गया। उनके मुताबिक, इस कार्रवाई से सांसदों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी दलों के अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ भी इसी तरह का व्यवहार किया गया। कांग्रेस महासचिव ने दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और आवाजाही पर लगाए गए प्रतिबंधों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राजधानी में जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई, चेक पोस्ट बनाए गए और लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई। प्रियंका ने इंटरनेट सेवाएं बंद किए जाने तथा ट्रेनों और मेट्रो सेवाओं पर रोक लगाए जाने का भी दावा किया। उन्होंने कहा कि संवैधानिक अधिकारों के तहत प्रदर्शन करने पहुंचे युवक-युवतियों के साथ मारपीट की गई और उन्हें हिरासत में लिया गया। प्रियंका ने इन घटनाओं को लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए चिंताजनक बताया।
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चुनाव प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग पर भी निशाना
प्रियंका गांधी ने अपने बयान में चुनाव प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि क्या प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई और राजधानी में लगाए गए प्रतिबंध इस बात का प्रमाण हैं कि चुनाव में कथित गड़बड़ियां निर्वाचन आयोग की मिलीभगत से हुईं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों और जवाबदेही की मांग से घबराई हुई है। प्रियंका ने देश की मौजूदा स्थिति को तानाशाही बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा। हालांकि चुनाव में धांधली और निर्वाचन आयोग की मिलीभगत से जुड़े ये आरोप प्रियंका गांधी के राजनीतिक दावे हैं। इन्हें स्थापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत करने के लिए स्वतंत्र साक्ष्य आवश्यक होंगे।
विमान के अंदर से हिरासत में लिए गए CJP के नेता
CJP की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल होने दिल्ली पहुंच रहे अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को विमान के उतरने के बाद विमान के अंदर से ही हिरासत में ले लिया गया। CJP द्वारा साझा किए गए वीडियो में अभिजीत दीपके पुलिस अधिकारियों से कहते सुनाई देते हैं कि पुलिस उन्हें विमान से बाहर उतरने नहीं दे रही है और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए विमान के भीतर पहुंची है। वीडियो में दीपके ने इस कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए इसे तानाशाही करार दिया। उन्होंने कहा कि वे प्रदर्शन के लिए दिल्ली आए हैं और गिरफ्तारी से पीछे नहीं हट रहे हैं। दीपके ने अपने बयान में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल का जिक्र करते हुए भी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। यह बयान CJP की ओर से साझा किए गए वीडियो में दर्ज है।
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CJP प्रदर्शन को लेकर बढ़ा राजनीतिक विवाद
CJP प्रदर्शन से जुड़े लोगों की हिरासत के बाद यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। प्रियंका गांधी ने जहां इसे लोकतांत्रिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़ते हुए केंद्र सरकार पर आरोप लगाए, वहीं प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी और दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।




















