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पोप लियो XIV को फेफड़ों का कैंसर? सर्जरी और इलाज को लेकर सामने आई जानकारी; कीमोथेरेपी की पड़ेगी जरूरत?

पोप लियो XIV को फेफड़ों का कैंसर होने और रोम के जेमेली अस्पताल में सर्जरी किए जाने की खबर चर्चा में है।
पोप लियो XIV को फेफड़ों का कैंसर? सर्जरी और इलाज को लेकर सामने आई जानकारी; कीमोथेरेपी की पड़ेगी जरूरत?
पोप लियो XIV के 20 अक्टूबर तक के सभी कार्यक्रम रद्द

कैथोलिक चर्च के प्रमुख पोप लियो XIV की सेहत को लेकर एक खबर चर्चा में है। उन्हें फेफड़ों का कैंसर होने की पुष्टि हुई है और रोम के जेमेली अस्पताल में उनकी सर्जरी की गई। जानकारी के अनुसार, डॉक्टरों ने उनके दाहिने फेफड़े के निचले हिस्से को निकाल दिया। 

पोप लियो XIV की सर्जरी को लेकर क्या दावा किया गया?

पोप लियो XIV की सर्जरी रोम के जेमेली अस्पताल में की गई। इसमें डॉक्टरों ने उनके दाहिने फेफड़े के निचले हिस्से को हटाया। इसे कैंसर से प्रभावित ऊतक निकालने की प्रक्रिया बताया गया है। सर्जरी करीब 90 मिनट चली और इसमें किसी बड़ी जटिलता की जानकारी नहीं दी गई। यह भी दावा किया गया है कि ऑपरेशन के बाद पोप होश में आ गए और निगरानी के बाद उन्हें अस्पताल के कमरे में वापस भेज दिया गया।

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लंग एडेनोकार्सिनोमा क्या होता है?

लंग एडेनोकार्सिनोमा फेफड़ों के कैंसर का एक प्रकार है। यह आमतौर पर फेफड़ों की उन कोशिकाओं में विकसित होता है जो बलगम जैसे पदार्थ बनाती हैं। यह बीमारी धूम्रपान करने वालों के साथ-साथ धूम्रपान नहीं करने वाले लोगों में भी हो सकती है।

इसके संभावित लक्षण हैं- 

  • लगातार खांसी या खांसी के स्वरूप में बदलाव
  • सांस लेने में परेशानी
  • सीने में दर्द
  • खांसी के साथ खून आना
  • बिना स्पष्ट कारण वजन कम होना
  • लगातार थकान महसूस होना

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फेफड़ों के कैंसर में सर्जरी क्यों की जाती है?

कुछ मरीजों में, जब कैंसर फेफड़े के सीमित हिस्से तक मौजूद होता है और सर्जरी संभव होती है, तब डॉक्टर प्रभावित हिस्से को निकालने की सलाह दे सकते हैं। इसका उद्देश्य कैंसरग्रस्त ऊतक को हटाना होता है। फेफड़े के किसी एक लोब को निकालने की प्रक्रिया को लोबेक्टॉमी कहा जाता है। फेफड़ों में सामान्यतः दाएं हिस्से में तीन और बाएं हिस्से में दो लोब होते हैं। सर्जरी के बाद आगे का उपचार कई बातों पर निर्भर करता है-  ट्यूमर का आकार और स्थान, कैंसर का चरण, लिम्फ नोड्स में कैंसर की मौजूदगी, सर्जरी के बाद ऊतक की जांच के परिणाम और मरीज की सामान्य स्वास्थ्य स्थिति।  हर मरीज को कीमोथेरेपी की जरूरत नहीं होती। 

क्या पोप लियो XIV को कीमोथेरेपी दी जाएगी?

कैंसर की सर्जरी के बाद कीमोथेरेपी, इम्यूनोथेरेपी या लक्षित उपचार की जरूरत बीमारी के प्रकार, चरण और अन्य जांचों पर निर्भर करती है। यदि कैंसर शुरुआती चरण में हो और प्रभावित ऊतक पूरी तरह निकाल दिया गया हो, तो कुछ मरीजों में सर्जरी के बाद नियमित निगरानी पर्याप्त हो सकती है। दूसरी ओर, यदि कैंसर फैलने या दोबारा लौटने का जोखिम अधिक हो, तो अतिरिक्त उपचार पर विचार किया जा सकता है।

20 अक्टूबर तक के सभी कार्यक्रम रद्द

पोप लियो XIV की सेहत को लेकर सामने आई खबरों के बीच वेटिकन ने उनके 20 अक्टूबर तक के सभी निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। फिलहाल उनके अस्पताल में रहने की अवधि और आगे की सार्वजनिक गतिविधियों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। उनकी सेहत में सुधार, डॉक्टरों की सलाह और आगे के इलाज से जुड़ी जानकारी के आधार पर ही उनकी दिनचर्या तय की गई। 

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...

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