
देहरादून। उत्तराखंड में शीतलहर तथा बर्फबारी के बीच हिमालय की पर्वत श्रृंखलाओं पर अवस्थित भगवान शंकर के 11वें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट बुधवार भैयादूज, कार्तिक मास शुक्ल पक्ष द्वितीया, वृश्चिक राशि, ज्येष्ठा नक्षत्र के शुभ अवसर पर प्रात: साढ़े आठ बजे विधि-विधान से शीतकाल के लिए बंद हो गए। आज कपाट बंद होने के समय मौसम साफ रहा। इस दौरान सेना के बैंड की भक्तिमय धुनों के साथ जय श्री केदार तथा ऊं नम: शिवाय के उदघोष से केदारनाथ गूंज उठा।
कपाट बंद होने के बाद भगवान केदारनाथ की पंचमुखी डोली हजारों तीर्थयात्रियों के साथ सेना के बैंड बाजों के साथ पैदल प्रथम पड़ाव रामपुर के लिए प्रस्थान हुई। 16 नवंबर को पंचमुखी डोली गुप्तकाशी पहुंचेगी। 17 नवंबर शुक्रवार को भगवान केदारनाथ की पंचमुखी मूर्ति शीतकालीन पूजा स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ पहुंचेगी। इसके पश्चात शीतकालीन पूजास्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में श्री केदारनाथ भगवान की शीतकालीन पूजा शुरू हो जाएगी। इस यात्रा वर्ष में साढ़े उन्नीस लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने भगवान केदारनाथ के दर्शन किये। केदारनाथ धाम में कपाट खुलने की तिथि से मंगलवार 14 नवंबर रात्रि तक 1957850 (उन्नीस लाख सत्तावन हजार आठ सौ पचास) तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए।