
जेरूसलम। हाल में इजरायल के रीचमैन विवि के वैज्ञानिकों ने रिसर्च में दावा किया है कि जैसे-जैसे हम बड़े होते हैं, हमारे नाम के हिसाब से हमारा रंग-रूप बदलता हैं। स्टडी के अनुसार, मनुष्य के पास किसी व्यक्ति के चेहरे के आधार पर उसके नाम का अनुमान लगाने की क्षमता होती है। रिसर्च में लोगों को वयस्क की तस्वीर दिखाई गई और चार संभावित नामों के विकल्प दिए गए, तो उनके सही नाम चुनने की दर में कहीं अधिक थी।
बच्चों की तस्वीर पहचानने में हुई गड़बड़ी
जब यही प्रोसेस बच्चों की तस्वीरों के साथ दोहराया गया तो वे अंदाज लगाने में गड़बड़ी करने लगे। स्टडी के निष्कर्ष बताते हैं कि हम बड़े होने के साथ-साथ अपने नाम के हिसाब से अपने रूप-रंग में बदलाव करने लगते हैं। फिर ये बदलाव हेयर स्टाइल, मेकअप, चश्मा, पियर्सिंग या चेहरे के हाव-भाव के जरिए हों।
व्यक्ति के रंग-रूप को प्रभावित करती है
रीचमैन विवि के मार्केटिंग एक्सपर्ट योनात ज्वेबनर के मुताबिक, हमने दिखाया है कि सोशल कंस्ट्रक्ट्स या स्ट्रक्चरिंग वास्तव में होती है। इसे अभी तक अनुभवजन्य रूप से परखना लगभग असंभव था। उन्होंने कहा कि सोशल स्ट्रक्चरिंग इतनी ताकतवर होती है कि व्यक्ति के रंग-रूप को प्रभावित कर सकती है। इन निष्कर्षों से संकेत मिलता है कि व्यक्तिगत कारक, जो नाम से अधिक अहम हैं, जैसे लिंग या जातीयता, किस हद तक तय कर सकते हैं कि व्यक्ति बड़ा होकर कैसा बनेगा।