
छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में पुलिस ने एक ऐसा कदम उठाया, जिसकी चारों तरफ सराहना हो रही है। आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक गरीब परिवार की बेटी कृष्णा अहिरवार की शादी का जिम्मा छतरपुर पुलिस ने उठाया। न केवल शादी का सारा खर्चा पुलिस ने उठाया, बल्कि पूरे दिल से बाराती और घराती बनकर इस शुभ कार्य में हिस्सा लिया।
यातायात प्रभारी ने किया कन्यादान
दुल्हन कृष्णा अहिरवार के परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी। कृष्णा की मां विमला का कहना है कि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उनकी बेटी की शादी इतनी धूमधाम से होगी। इस परिवार की मदद तब शुरू हुई जब विमला एक बोरी गल्ला लेने यातायात प्रभारी बृहस्पति साकेत के पास पहुंची। प्रभारी ने जब उनके घर की हालत देखी, तो उन्होंने तुरंत शादी की जिम्मेदारी उठाने का फैसला किया। बृहस्पति साकेत ने खुद दुल्हन का कन्यादान कर इंसानियत की मिसाल पेश की।
पुलिस विभाग ने जोड़े 4 लाख रुपए
शादी का खर्च उठाने के लिए पुलिस विभाग के 40 जवानों ने अपने वेतन से 10-10 हजार रुपए इकट्ठे किए। इस तरह करीब 4 लाख रुपए जुटाए गए। इन पैसों से न केवल शादी की तैयारी हुई, बल्कि दुल्हन को जरूरी सामान और गहने भी दिए गए।
मीडियाकर्मी बने बाराती
दूल्हे की बारात बगराजन माता मंदिर से शुरू हुई। इसमें मीडियाकर्मी बाराती बनकर शामिल हुए और जमकर नाचे। बारात महालक्ष्मी मंदिर पहुंची, जहां पूरे विधि-विधान के साथ शादी संपन्न हुई।
एसपी ने दिया वर-वधू को आशीर्वाद
इस शादी में एसपी अगम जैन ने भी शिरकत की। उन्होंने वर-वधू को आशीर्वाद देकर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। शादी में पुलिस विभाग घराती की भूमिका में था, जबकि मीडियाकर्मी बाराती बनकर इस खुशी के मौके का हिस्सा बने।
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