
बारामूला। जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच चौथे दिन भी मुठभेड़ जारी है। बारामूला में लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के पास उरी, हथलंगा इलाके में सेना ने मुठभेड़ में 3 आतंकियों को मार गिराया। मारे गए दो आतंकियों की तस्वीरें भी जारी की गई हैं। वहीं तीसरे आतंकी की लाश बॉर्डर के पास पड़ी है। पाकिस्तान पोस्ट से लगातार हो रही गोलीबारी के चलते उसकी बॉडी नहीं उठाई जा सकी है। फिलहाल तीनों में से किसी की भी पहचान नहीं हो पाई है। आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन अभी भी जारी है।
घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे थे तीनों
सेना के श्रीनगर स्थित चिनार कोर ने कहा, ‘‘सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और खुफिया एजेंसियों द्वारा शुरू किए गए एक संयुक्त अभियान में आज सुबह बारामूला के उरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया गया। तीन आतंकवादियों ने घुसपैठ करने की कोशिश की, जिनका सतर्क सैनिकों ने मुकाबला किया। दो आतंकवादियों को मार गिराया गया है और शव भी बरामद कर लिए गए हैं। तीसरा आतंकवादी भी मारा गया है, लेकिन नियंत्रण रेखा पर आसपास के क्षेत्र में पाक चौकियों द्वारा गोलीबारी के कारण शव की बरामदगी में बाधा आ रही है। ऑपरेशन प्रगति पर है।”
सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकियों ने की फायरिंग
जानकारी के मुताबिक, हथलंगा इलाके में सुबह आतंकियों के देखे जाने के बाद सेना-पुलिस ने जॉइंट ऑपरेशन शुरू किया था। इस दौरान आतंकियों ने फायरिंग की और सुरक्षाबलों द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में मुठभेड़ शुरू हो गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये वही इलाका है जहां दिसंबर 2022 में सुरक्षाबलों ने एक बड़े आतंकी ठिकाने का भंडाफोड़ किया था और एक गुफा से हथियारों का जखीरा बरामद किया था।
अनंतनाग में चौथे दिन भी मुठभेड़ जारी
इसके अलावा अनंतनाग जिले के कोकरनाग में भी आतंकियों के साथ सुरक्षाबलों की मुठभेड़ चौथे दिन भी जारी है। घने जंगल और पहाड़ी के बीच के संदिग्ध ठिकाने पर आतंकियों की खोजबीन के लिए ड्रोन और हैलीकॉप्टर की भी मदद ली जा रही है। ऑपरेशन के दौरान आतंकियों के छिपने के ठिकाने को सुरक्षाबलों ने बमबारी कर ध्वस्त कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक, यहां लश्कर कमांडर उजैर खान, एक अन्य आतंकी के साथ छिपा हुआ है। इन्हीं आतंकियों ने कर्नल मनप्रीत सिंह, मेजर आशीष धोनैक और जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीएसपी हुमायूं भट पर फायरिंग की थी। जिसमें तीनों अधिकारी शहीद हो गए थे।
रेजिस्टेंट फ्रंट ने ली हमले की जिम्मेदारी
हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े प्रतिबंधित संगठन रेजिस्टेंट फ्रंट ने ली है। अधिकारियों का मानना है कि ये वही आतंकी हैं, जिनसे 4 अगस्त को कुलगाम के जंगल में मुठभेड़ के दौरान 3 जवान शहीद हो गए थे। दोनों आतंकियों को सेना ने घेर लिया है। इनमें से एक नागम कोकरनाग का रहने वाला उजैर खान है, जो पिछले साल जुलाई में लश्कर से जुड़ा था।
पिछले 6 दिनों में तीसरा एनकाउंटर
11 सितंबर : राजौरी में 2 आतंकी मारे गए और 1 जवान शहीद हुआ था।
13 सितंबर से जारी मुठभेड़ : अनंतनाग के कोकेरनाग के जंगल में 4 जवान शहीद हो चुके हैं। आतंकियों की तलाश जारी है।
16 सितंबर : बारामूला में लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के पास उरी, हथलंगा इलाके में सेना ने 2 आतंकियों को मार गिराया।