
लखनऊ। य़ूपी में आय़ोजित की गई सहायक समीक्षा अधिकारी (ARO) की प्रारंभिक परीक्षा-2023 पेपर लीक होने के बाद रद्द कर दी गई थी। अब मामले की जांच कर रही यूपी की एसटीएफ को इस केस में बड़ी कामयाबी मिली है। एसटीएफ की टीम ने इस भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में 6 आरोपियों को प्रयागराज से गिरफ्तार किया है। यूपी एसटीएफ ने संदीप पांडे, अमरजीत शर्मा, सुभाष प्रजापति, सुनील रघुवंशी, विवेक उपाध्याय और विशाल दुबे को हिरासत में लेते हुए एक बड़ा खुलासा भी किया है।
भोपाल की प्रिंटिंग प्रेस से लीक हुआ था पर्चा
इस केस में यूपी एसटीएफ ने खुलासा करते हुए बताया कि भोपाल की एक प्रिंटिंग प्रेस में ही सहायक समीक्षा अधिकारी (ARO) भर्ती परीक्षा का प्रश्न पत्र छपवाया गया था। भोपाल में इस प्रिंटिंग प्रेस के कर्मचारी सुनील रघुवंशी की मदद से राजीव नयन मिश्रा ने ARO का पेपर लीक कर दिया था। इस मामले में मास्टर माइंड राजीव नयन मिश्रा वही शख्स है जिसने सिपाही भर्ती परीक्षा का पेपर भी लीक किया है।
मोबाइल फोन के जरिए लीक किया गया था पेपर
यूपी एसटीएफ की गिरफ्त में आने के बाद रविवार आरोपियों ने बताया कि ARO परीक्षा का पर्चा परीक्षा के दिन सुबह लगभग साढ़े छह बजे मोबाइल फोन से स्कैन करके लीक किया गया था। यह पेपर भोपाल में प्रिंटिंग प्रेस पर काम करने वाले सुनील रघुवंशी ने भेजा था। आरोपियों के बयान के मुताबिक पेपर लीक कराने वाले अपराधियों का एक संगठित गैंग है, जिसका सरगना राजीव नयन मिश्रा उर्फ राहुल है। इस गैंग में राजीव की परिचित शिवानी नामक युवती भी शामिल है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश राज्य लोक सेवा आयोग की इस परीक्षा का प्रश्न पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद सरकार ने परीक्षा निरस्त कर मामले को जांच के लिए यूपी एसटीएफ को सौंप दिया था। इस मामले में गिरोह के सरगना राजीव नयन समेत 10 आरोपी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं।
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