सु्प्रीम कोर्ट ने कहा- पटाखों पर देशभर में पूरी तरह बैन नहीं, 15 अक्टूबर को अगली सुनवाई

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पटाखे चलाने के लिए 24 घंटे की अनुमति नहीं दी जा सकती, क्योंकि लगातार पटाखे चलने से बीमार लोगों, बुजुर्गों और बच्चों पर असर पड़ सकता है। अदालत अब पटाखों के प्रकार और उन्हें चलाने की समय-सीमा पर विचार करेगी। इस मामले में अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को होगी।
'दीवाली का त्योहार लोगों की भावनाओं से जुड़ा'
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि पूरे देश में पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का उसका इरादा नहीं है। अदालत ने कहा कि दिवाली लोगों की भावनाओं से जुड़ा त्योहार है और इसे पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
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24 घंटे पटाखे चलाने की अनुमति नहीं
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि पटाखे चलाने के लिए 24 घंटे की अनुमति नहीं दी जा सकती। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लगातार पटाखे चलने से बीमार लोगों, बुजुर्गों और बच्चों के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।
पटाखों के प्रकार पर भी होगा विचार
सुप्रीम कोर्ट अब इस बात पर विचार करेगा कि किस तरह के पटाखों की अनुमति दी जानी चाहिए। इसके साथ ही अदालत पटाखे चलाने की समय-सीमा को लेकर भी निर्देश तय कर सकती है, ताकि प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके।
त्योहार और स्वास्थ्य के बीच संतुलन पर जोर
अदालत का जोर ऐसा संतुलन बनाने पर है, जिससे लोगों की त्योहार मनाने की भावनाएं भी बनी रहें और स्वास्थ्य से जुड़ी चिंताओं का भी ध्यान रखा जा सके। कोर्ट ने संकेत दिया कि पटाखों को लेकर नियम तय करते समय दोनों पहलुओं को ध्यान में रखा जाएगा।
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15 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
दिल्ली-NCR में पटाखों से होने वाले प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। यह मामला 2015 से चल रहा है, जिसमें अदालत दिल्ली, उत्तर प्रदेश समेत उत्तर भारत के प्रदूषण प्रभावित इलाकों में अक्टूबर से जनवरी के दौरान पटाखों के इस्तेमाल को लेकर अलग-अलग निर्देश देती रही है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को होगी।




















