
कांग्रेस विधायक और दलित नेता जिग्नेश मेवाणी को असम पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जिग्नेश मेवाणी को असम पुलिस ने गुजरात के पालनपुर सर्किट हाउस से बुधवार देर रात गिरफ्तार किया। जिग्नेश गुजरात की वडगाम विधानसभा सीट से विधायक हैं। राष्ट्रीय दलित अधिकार मंच पार्टी के संयोजक मेवाणी की गिरफ्तारी का कारण अभी स्पष्ट नहीं है।
समर्थकों का आरोप- नहीं दी गई FIR या पुलिस केस की कॉपी
जिग्नेश मेवाणी के समर्थकों के मुताबिक, असम पुलिस की टीम ने अपने यहां दर्ज मामले का हवाला देते हुए गिरफ्तारी की कार्रवाई को अंजाम दिया है। समर्थकों का आरोप है कि असम पुलिस की ओर से उन्हें अब तक FIR या पुलिस केस की कॉपी भी नहीं दी गई है। फिलहाल, जिग्नेश मेवाणी की गिरफ्तारी से सूबे की सियासत में सरगर्मी बढ़ गई है। कांग्रेस के बड़े दलित चेहरे जिग्नेश को ऐसे समय में गिरफ्तार किया गया है, जब इसी साल गुजरात में चुनाव होने हैं।
गिरफ्तारी पर क्या बोले जिग्नेश मेवाणी?
मेवाणी ने कहा कि हो सकता है कि मेरे किसी ट्वीट के सिलसिले में मुझे गिरफ्तार किया गया हो। हालांकि मुझे अभी तक इस गिरफ्तारी का सही कारण पुलिस की तरफ से नहीं बताया गया है। मेवाणी ने कहा, “मैं किसी झूठी शिकायत से नहीं डरता। मैं अपनी लड़ाई जारी रखूंगा।”
डराने-धमकाने की कोशिश!
मेवाणी की गिरफ्तारी को लेकर कांग्रेस नेता जगदीश ठाकोर ने कहा कि जिग्नेश के खिलाफ आरएसएस पर ट्वीट करने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। यह एक विधायक को डराने-धमकाने का प्रयास है। ऐसी शिकायत से न तो जिग्नेश और न ही कांग्रेस डरती है।
मेवाणी के समर्थन में सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता
आधी रात को जैसे ही मेवाणी के समर्थकों को इस गिरफ्तारी का पता चला वैसे ही सभी अहमदाबाद एयरपोर्ट पहुंच गए और असम पुलिस के खिलाफ जमकर नारे लगाए। असम पुलिस जिग्नेश को पालनपुर से गिरफ्तार कर अहमदाबाद रवाना हो गई है। जिग्नेश मेवाणी को अहमदाबाद से असम के गुवाहाटी ले जाया जा सकता है।