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पापा से मिले आखिरी तोहफे ने वक्त की कद्र करना सिखाया

सीएस प्रोफेशनल एग्जाम में भोपाल के टॉपर निकुंज माहेश्वरी ने पिता को याद करते हुए कहा-

पल्लवी वाघेला जब एग्जीक्यूटिव लेवल पास किया था तो पूरे परिवार के लिए सरप्राइज था। तब पापा (नीरज माहेश्वरी) ने 12 हजार की घड़ी गिफ्ट में दी थी। उनकी डेथ के बाद वहीं घड़ी मेरे लिए मोटिवेशन बन गई। यह कहना है, एडवोकेट सीएस निकुंज महेश्वरी का। निकुंज ने अपने पहले ही प्रयास में कंपनी सेक्रेटरी प्रोफेशनल एग्जाम क्लियर करते हुए सिटी में टॉप किया है। निकुंज कहते हैं, बीते साल मई में कैंसर से लड़ते हुए हमने उन्हें खो दिया। मैंने तब कहा था, यदि प्रोफेशनल निकाल लिया तो मनचाहा गिμट देना होगा। पापा ने भी कहा था, अभी से तैयारी कर रहा हूं, क्योंकि तू जरूर क्लियर करेगा। उनकी डेथ के बाद उनके यह शब्द और उनका गिμट मेरे लिए मोटिवेशन बन गया। उनके चले जाने के बाद इकलौती संतान होने के कारण जिम्मेदारियों का भार भी मेरे ऊपर था।

कोचिंग नहीं कर सका तो यूट्यूब से की तैयारी

निकुंज बताते हैं, 12वीं में कॉमर्स सब्जेक्ट में 94 प्रतिशत पाने के बाद उन्होंने क्लेट का एग्जाम क्लियर किया और निरमा यूनिवर्सिटी, अहमदाबाद से एलएलबी किया। 2018 में सीएस फाउंडेशन की एग्जाम दी। 2022 में जॉब लगी और उसके साथ ही पापा के कैंसर की बात भी हमारे सामने आई। ऐसे में जून 2023 के लिए मैंने फॉर्म भरा था, लेकिन मई में पापा की डेथ के कारण एग्जाम नहीं दे पाया। तब मैंने दिसंबर में एग्जाम दिया। मैंने पूरी तैयारी यूटयूब से लेक्चर देखकर ही की। कोचिंग नहीं कर सका क्योंकि जॉब जारी थी। पापा के बिजनेस और मम्मी को संभालने की जिम्मेदारी भी थी। मुझे बहुत ज्यादा समय नहीं मिलता था। आखिरी कुछ दिन में केवल तीन घंटे ही सो पाता था क्योंकि तभी मैं एग्जाम के लिए तैयारी कर सकता था। नौ पेपर बिना ब्रेक के क्लियर करने थे और पहला प्रयास होने के कारण प्रेशर भी ज्यादा था।

क्लेट के बाद वकील बने, अब उरभी

द इंस्टीट्यूट आॅफ कंपनी सेक्रेटरी ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित परीक्षा में भोपाल से इस बार दो स्टूडेंट्स ही सीएस बने जिसमें से एक निकुंज हैं।

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