
मप्र पंचायत चुनाव में चुने हुए सरपंच से रिश्वत लेने का मामला सामने आया है। शिवपुरी के खनियाधाना नायब तहसीलदार सुधाकर तिवारी एक लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। आरोप है कि तहसीलदार ने बरसोला से सरपंच चुने गए उमाशंकर लोधी से जीत का प्रमाण पत्र देने के बदले में डेढ़ लाख की डिमांड की थी। सरपंच ने इसकी शिकायत ग्वालियर लोकायुक्त से की थी।
प्रमाण पत्र के लिए मांगे डेढ़ लाख रुपए
ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस के मुताबिक, ग्राम बरसोला तहसील खनियाधाना के रहने वाले उमाशंकर लोधी ने शिकायत की थी कि नायब तहसीलदार प्रभारी तहसील खनियाधाना सुधाकर तिवारी ने उनसे रिश्वत की मांग की है। आवेदक सरपंच के पद पर विजयी हुआ था जिसके प्रमाण पत्र के लिए आरोपी आवेदक से 1,50,000 की रिश्वत मांग रहा था। जीत का प्रमाण पत्र देने के लिए पेशगी के रूप में 50 हजार रुपए भी तहसीलदार ने पहले ले लिए। इसके बाद लोकायुक्त में शिकायत की तो कॉल रिकॉर्ड किए गए, जिसमें डेढ़ लाख में सौदा तय हो गया।
रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा
ग्वालियर लोकायुक्त टीम ने योजना बनाई और मंगलवार सुबह उमाशंकर लोधी को 1 लाख रुपए रंग लगाकर तहसीलदार को देने के लिए तहसीलदार के आवास कोटा बस स्टैंड के पीछे भेजा। उमाशंकर लोधी एक लाख रुपए लेकर तहसीलदार के आवास में पहुंचे और जैसे ही उन्हें रिश्वत की राशि दी। तुरंत लोकायुक्त की टीम तहसीलदार को रंगे हाथों एक लाख रुपए के साथ पकड़ लिया। इसके बाद उनके हाथ धुलवाए गए तो उनके हाथ रंग गए। इसके बाद टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल लोकयुक्त टीम ग्वालियर की कार्रवाई जारी है।
कार्रवाई में ये अधिकारी मौजूद
इस कार्रवाई में लोकायुत टीम प्रभारी योगेश कुमार कुरचनिया, राघवेंद्र सिंह तोमर इंस्पेक्टर, कवेंद्र सिंह चौहान विवेचक, इंस्पेक्टर आराधना डेविस एचपी धनंजय पांडेय, एचसी हेमंत शर्मा, सी अमर सिंह गिल, देवेंद्र पवैया, सुरेंद्र सिंह, बलवीर, विशंभर सिंह भदोरिया सहित समस्त मौके पर मौजूद रहे।
ये भी पढ़ें: उज्जैन लोकायुक्त ने पटवारी को रिश्वत लेते पकड़ा, भूमि सीमांकन की रिपोर्ट बनाने के एवज में मांगे थे रुपए