
भोपाल। मध्य प्रदेश के नव निर्वाचित मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को शपथ लेते ही सत्ता की कमान संभाल ली है। पदभार ग्रहण करने के बाद बतौर सीएम मोहन यादव ने बड़ा आदेश जारी किया है। उन्होंने तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाने पर पाबंदी लगाने संबंधी आदेश जारी कर दिए हैं। शिकायत मिलने पर उड़नदस्ता जांच करेगा। जिला स्तर पर तीन सदस्यीय उड़नदस्ता गठित किया जाएगा। तीन दिन में शिकायत की जांच पूरी की जाएगी। इस आदेश के लिए सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन का हवाला दिया गया है।
कार्यभार संभालते ही मोहन सरकार का बड़ा आदेश
प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव ने आज सुबह शपथ ग्रहण करने के बाद कार्यभार संभालते ही धार्मिक स्थल एवं अन्य स्थानों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों को अवैधानिक रूप से और निर्धारित मापदण्ड से अधिक आवाज में बजाने पर प्रतिबंध लगाए जाने संबंधित आदेश जारी कर दिए हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस संबंध में गृह मंत्रालय की ओर से निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। राज्य में अब धार्मिक स्थल एवं अन्य स्थानों पर मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम, 2000 के प्रावधानों और सर्वोच्च न्यायालय, उच्च न्यायालय द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों के अनुक्रम में शासन द्वारा निर्णय लिया गया है कि किसी भी प्रकार के धार्मिक स्थल और अन्य स्थान में निर्धारित मापदण्ड के अनुरूप ही ध्वनि विस्तारक यंत्रों (लाउडस्पीकर/डी.जे.) आदि का उपयोग किया जा सकेगा।
लाउडस्पीकर एवं अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों के नियम विरूद्ध तेज आवाज में बिना अनुमति के उपयोग को पूर्णत प्रतिबंधित किया गया है। राज्य शासन द्वारा ध्वनि प्रदूषण और लाउडस्पीकर आदि के अवैधानिक उपयोग की जांच के लिए सभी जिलों में उड़नदस्तों के गठन का निर्णय लिया गया है। उड़नदस्ते नियमित और आकस्मिक रूप से धार्मिक और सार्वजनिक स्थानों, जहां ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग होता है, का निरीक्षण कर सकेंगे और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में अधिकतम तीन दिवस में समुचित जांच कर प्रतिवेदन संबंधित प्राधिकारी को प्रस्तुत करेंगे।
जिला स्तर पर साप्ताहिक समीक्षा की जाए : CM मोहन
धर्मगुरूओं से संवाद व समन्वय के आधार पर लाउडस्पीकरों को हटाने का प्रयास किया जाएगा और ऐसे धार्मिक स्थलों की सूची बनाई जाएगी, जहां उक्त नियमों/निर्देशों का अनुपालन नहीं हो रहा है और इसकी जिला स्तर पर साप्ताहिक समीक्षा की जाए। 31 दिसंबर 2023 तक पालन प्रतिवेदन गृह विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। ध्वनि प्रदूषण के मामलों की सतत निगरानी के लिए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अपराध अनुसंधान विभाग पुलिस मुख्यालय को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। नोडल अधिकारी समय-समय पर लाउडस्पीकरों/डी.जे. आदि के अवैधानिक प्रयोग के संबंध में प्रतिवेदन शासन के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।
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