
नई दिल्ली। दिवाली की रात से ही एक बार फिर दिल्ली की हवा जहरिली हो गई है। राजधानी में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ते जा रहा है। सोमवार को भी दिल्ली की हवा गंभीर कैटेगिरी में दर्ज की गई है। इसकी वजह से लोगों को सांस लेने में भी परेशानी हो रही है। इसके साथ ही कई लोगों को आखों में जलन की समस्या भी हो रही है। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसार सोमवार सुबह 7 बजे राजधानी के कई मॉनिटरिंग स्टेशनों में AQI 400 के पार रिकॉर्ड किया गया।
दिल्ली के कई इलाकों का AQI 400 पार
आनंद विहार, अशोक विहार, रोहिणी, द्वारका, पटपड़गंज, विवेक विहार, वजीरपुर, जहांगीरपुरी, मोती बाग, बवाना और पंजाबी बाग जैसे कई स्टेशन 400+ (गंभीर) AQI दिखा रहे हैं। लाजपत नगर, आरके पुरम, लोदी रोड, नॉर्थ कैंपस जैसे कई अन्य स्टेशनों पर AQI 370 से ऊपर दिखा रहा है।
NCR के अन्य क्षेत्रों में सुबह 7 बजे AQI
- नोएडा- 305
- गाजियाबाद- 295
- ग्रेटर नोएडा- 246
- गुरुग्राम- 276
हरियाणा और राजस्थान के कई इलाकों में भी आज सुबह AQI उच्च स्तर पर रहा
- श्रीगंगानगर- 397
- हिसार- 372
- हनुमानगढ़- 344
- भरतपुर- 320
- बहादुरगढ़- 300
दिल्ली के इलाकों की एयर क्वालिटी
दिल्ली के इलाके | AQI |
अलीपुर | 387 |
आनंद विहार | 434 |
अशोक विहार | 410 |
आया नगर | 356 |
बवाना | 408 |
बुराड़ी | – |
चांदनी चौक | 275 |
DTU | 306 |
डॉ करणी सिंह शूटिंग रेंज | 380 |
द्वारका सेक्टर-8 | 392 |
आईजीआई एयरपोर्ट | 366 |
दिलशाद गार्डन | 305 |
आईटीओ | 348 |
जहांगीरपुरी | 414 |
जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम | 355 |
मेजर ध्यान चंद स्टेडियम | 377 |
मंदिर मार्ग | 380 |
मुंडका | 401 |
द्वारका एनएसआईटी | 403 |
नजफगढ़ | 364 |
नरेला | 379 |
नेहरू नगर | 398 |
नॉर्थ कैंपस | 394 |
ओखला फेस-2 | 385 |
पटपड़गंज | 401 |
पंजाबी बाग | 402 |
पूसा DPCC | 350 |
पूसा IMD | 354 |
आरके पुरम | 392 |
रोहिणी | 410 |
शादीपुर | 371 |
सिरीफोर्ट | 367 |
सोनिया विहार | 382 |
अरबिंदो मार्ग | 271 |
विवेक विहार | 424 |
वजीरपुर | 414 |
दिल्ली में बैन के बावजूद जमकर हुई आतिशबाजी
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) ने 1 जनवरी 2025 तक पटाखों को बैन किया था। पटाखे बनाने, उन्हें स्टोर करने, बेचने और इस्तेमाल पर रोक लगाई गई थी। इसके साथ ही इनकी ऑनलाइन डिलीवरी पर भी रोक लगाई गई थी, फिर भी आतिशबाजी हुई।
राजधानी दिल्ली में सर्दियों के समय हर बार प्रदूषण बढ़ जाता है। राजधानी में सांस लेना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में सरकार की तरफ से प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए अलग-अलग उपाय किए जाते हैं। ऐसे में दिवाली के समय पटाखों की खरीद-बिक्री पर रोक भी एक उपाय होता है। इसके बावजूद दीवाली के दिन लोग पटाखे फोड़ने से बाज नहीं आते हैं। पिछले साल भी बैन के बावजूद दिवाली के दिन खूब पटाखे फोड़े गए थे।
जानिए एयर क्वालिटी और उसका प्रभाव
- 0-50 गुड न्यूनतम प्रभाव।
- 51-100 सेटिसफेक्टरी संवेदनशील लोगों को सांस लेने में मामूली तकलीफ।
- 101-200 मॉडरेट फेफड़े, दमा और हृदय रोग से पीड़ित लोगों को सांस लेने में तकलीफ।
- 201-300 पुअर ज्यादातर लोगों को लंबे समय तक सांस लेने में तकलीफ।
- 301-400 वेरी-पुअर लंबे समय तक संपर्क में रहने से सांस की बीमारी।
- 401-500 सीवियर स्वस्थ लोगों पर प्रभाव और बीमार वाले लोगों पर गंभीर रूप से प्रभाव।
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