PM मोदी ने लद्दाख को दी 5 बड़ी परियोजनाओं की सौगात, एयरपोर्ट से बिजली-पानी तक बदलेगी तस्वीर

बर्फीले पहाड़, कड़ाके की ठंड और दुर्गम रास्तों के बीच बसे लद्दाख में अब विकास की रफ्तार बढ़ाने की तैयारी है। यहां सफर आसान बनाने, बिजली-पानी की सुविधाएं मजबूत करने और पुरानी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के लिए करीब 3,350 करोड़ रुपये की पांच प्रमुख परियोजनाएं शुरू की गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इन परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण किया। इन योजनाओं से लद्दाख में हवाई और सड़क संपर्क बेहतर होने के साथ आम लोगों को भी कई सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
लद्दाख के विकास को लेकर क्या बोले पीएम मोदी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इन परियोजनाओं के साथ लद्दाख के विकास में एक नया अध्याय जुड़ रहा है। उन्होंने क्षेत्र के लोगों को बधाई दी और परियोजनाओं को पूरा करने में जुटे इंजीनियरों, मजदूरों, स्थानीय लोगों और सीमा सड़क संगठन (BRO) के कर्मचारियों की तारीफ की। पीएम मोदी ने कहा कि सरकार का खास ध्यान लद्दाख के युवाओं पर है। यहां के युवाओं को बेहतर शिक्षा, नई तकनीक सीखने के अवसर और आधुनिक सुविधाएं मिलनी चाहिए, ताकि उन्हें इन जरूरतों के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर न रहना पड़े। इसी उद्देश्य से लेह में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया जा रहा है।
लेह एयरपोर्ट की क्षमता 10 लाख से बढ़कर 35 लाख होगी
प्रधानमंत्री ने लेह के कुशोक बकुला रिनपोछे एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले इस टर्मिनल की आधारशिला रखी गई थी और अब इसका लोकार्पण किया गया है। नया टर्मिनल शुरू होने से एयरपोर्ट की सालाना यात्री क्षमता 10 लाख से बढ़कर 35 लाख हो जाएगी। इसके अलावा, यहां उड़ानों की संख्या भी तीन गुना तक बढ़ सकती है। इससे लद्दाख आने-जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिलेगी और क्षेत्र का हवाई संपर्क बेहतर होगा। इस टर्मिनल को लद्दाख के ठंडे मौसम और कठिन जलवायु को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसमें जियोथर्मल तकनीक के साथ सौर ऊर्जा का भी इस्तेमाल किया गया है। प्रधानमंत्री के मुताबिक, जियोथर्मल हीटिंग की सुविधा वाला यह भारत का पहला एयरपोर्ट टर्मिनल है। इस तकनीक से सर्द मौसम में इमारत के अंदर तापमान अनुकूल बनाए रखने में मदद मिलेगी।
बिजली व्यवस्था को मजबूत करेगी हानू जल विद्युत परियोजना
लद्दाख में बिजली की सुविधा बेहतर बनाने के लिए हानू जल विद्युत परियोजना और उससे जुड़ी बिजली ट्रांसमिशन लाइन का भी लोकार्पण किया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे पहले श्रीनगर से लेह को जोड़ने वाली बिजली ट्रांसमिशन लाइन की आधारशिला रखने और उसका लोकार्पण करने का अवसर भी उन्हें मिला था। नई परियोजनाओं से क्षेत्र में बिजली की उपलब्धता और ऊर्जा से जुड़े ढांचे को मजबूती मिलने की उम्मीद है। इससे स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं देने और क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सकती है।
2019 के बाद सड़क नेटवर्क में बड़ा विस्तार
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लद्दाख की भौगोलिक स्थिति और मौसम के कारण यहां विकास कार्य करना आसान नहीं है। इसके बावजूद केंद्र सरकार के लिए लद्दाख का विकास प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि साल 2019 में लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद यहां की विकास संबंधी जरूरतों पर ज्यादा ध्यान दिया गया है। प्रधानमंत्री के मुताबिक, साल 2019 तक लद्दाख में करीब 1,800 किलोमीटर सड़क नेटवर्क था, जो अब बढ़कर 4,000 किलोमीटर से ज्यादा हो गया है। इसी तरह, पहले यहां 19 बड़े पुल थे, जबकि अब इनकी संख्या बढ़कर करीब 75 हो गई है। क्षेत्र में हेलीपैड की संख्या भी सात से बढ़कर 40 से ज्यादा हो गई है। सड़क, पुल और हेलीपैड जैसी सुविधाओं के विस्तार से लोगों की आवाजाही आसान होती है। साथ ही, दूरदराज के इलाकों तक पहुंचने में भी मदद मिलती है।
करीब 99 प्रतिशत घरों तक पहुंचा नल से पानी
लद्दाख में पेयजल सुविधाओं को लेकर भी प्रधानमंत्री ने आंकड़े साझा किए। उन्होंने बताया कि पहले यहां करीब 3.5 प्रतिशत घरों में ही नल से पानी पहुंचता था। अब लगभग 99 प्रतिशत घरों तक नल से जल की सुविधा पहुंच चुकी है। पानी की उपलब्धता बढ़ने से स्थानीय परिवारों को रोजमर्रा के कामों में सुविधा मिल सकती है। दुर्गम क्षेत्रों में पानी पहुंचाना बड़ी चुनौती रहा है, इसलिए इस क्षेत्र में हुई प्रगति को अहम माना जा रहा है।
पांच परियोजनाओं से लद्दाख को क्या फायदा होगा?
करीब 3,350 करोड़ रुपये की पांच विकास परियोजनाओं का लक्ष्य लद्दाख में सड़क और हवाई संपर्क बेहतर करना, बिजली व्यवस्था मजबूत करना, पानी की उपलब्धता बढ़ाना और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना है। इन परियोजनाओं से पर्यटन, स्थानीय आवाजाही और आम लोगों की सुविधाओं को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री ने कहा कि लद्दाख के युवाओं को बेहतर शिक्षा और आधुनिक तकनीक सीखने के अवसर देना भी सरकार की प्राथमिकता है। आने वाले समय में इन योजनाओं का वास्तविक असर इनके सफल संचालन और सुविधाओं की लोगों तक पहुंच पर निर्भर करेगा।




















