
अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित बफेलो इलाके के एक सुपरमार्केट में शनिवार को गोलीबारी हुई। इसमें 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 लोग घायल हो गए। मरने वालों में एक सिक्योरिटी गार्ड भी शामिल है। आरोपी ने 13 लोगों पर फायरिंग की, इसमें से 11 अश्वेत थे। घटना शनिवार दोपहर को 2:30 बजे (भारतीय समयानुसार रविवार की रात 12 बजे) हुई। पुलिस के मुताबिक बंदूकधारी को हिरासत में ले लिया गया है।
नस्लीय हमले के एंगल से भी हो रही जांच
बफेलो पुलिस के मुताबिक, टॉप्स सुपरमार्केट के ग्रॉसरी स्टोर में यह गोलीबारी हुई। यह इलाका भी एक अश्वेत बहुल इलाका है। हमले के बाद आरोपी को अरेस्ट कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां उस पर फर्स्ट डिग्री मर्डर का चार्ज लगाया गया है। पुलिस नस्लीय हमले के एंगल से भी जांच कर रही है।
वीडियो फुटेज में दिख रहा, कैसे हुआ सबकुछ
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सामने आए कुछ वीडियोज में हमलावर पार्किंग लॉट में कार की फ्रंट सीट पर राइफल रखे नजर आ रहा है। गाड़ी से बाहर निकलते ही उसने पार्किंग में चार लोगों को गोली मारी, जिनमें से तीन की मौत हो गई। फुटेज में संदिग्ध के सुपरमार्केट में घुसने और भीतर कई लोगों को गोली मारने के दृश्य भी हैं।

स्टोर के अंदर मारे गए लोगों में एक सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी भी था जो सशस्त्र सुरक्षा गार्ड के रूप में काम कर रहा था। जानकारी के मुताबिक, स्टोर के अंदर एक सिक्योरिटी गार्ड ने हमलावर पर कई गोलियां चलाईं लेकिन बुलेट प्रूफ की वजह से हमलावर बच गया और उसने सिक्योरिटी गार्ड की हत्या कर दी।
पुलिस आयुक्त ने कहा कि मौके पर जब पुलिस पहुंची तो शूटर ने बंदूक उसकी गर्दन पर रख दी। बफेलो पुलिस के दो पुलिसकर्मियों ने उससे बात की और उसने राइफल फेंक कर सरेंडर कर दिया।
कौन है हमलावर
हमलावर की पहचान 18 साल के पेटन एस गेंड्रोन के तौर पर हुई है। मिलिट्री स्टाइल गियर्स के साथ वह हमले के लिए सुपरमार्केट में घुसा था। हमलावर ने अपने हेलमेट पर लगे कैमरे से हमले की लाइव स्ट्रीमिंग भी की। उसने बुलेटप्रूफ जैकेट भी पहन रखा था। हालांकि, उसके फुटेज फिलहाल उपलब्ध नहीं हो पाए हैं।
FBI को सौंपी गई घटना की जांच
अमेरिका की फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) आरोपी से पूछताछ कर रही है। एफबीआई के बफेलो फील्ड कार्यालय के प्रभारी विशेष एजेंट स्टीफन बेलोंगिया ने बताया कि गोलीबारी की जांच हेट क्राइम के तौर पर की जा रही है। ऑफिसर्स को शक है कि यह शूटिंग नस्लीय तौर पर उकसावे से प्रेरित थी। FBI हर एंगल से इस मामले की जांच कर रही है।