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क्या छिन जाएगी मालदीव के राष्ट्रपति की कुर्सी…? मोहम्मद मुइज्जू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की मांग, विपक्षी नेता बोले- भारत के बायकॉट का मालदीव की अर्थव्यवस्था पड़ेगा गहरा असर

इंटरनेशनल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत पर अपमानजनक टिप्पणी का मामला बढ़ता ही जा रहा है। इसी को लेकर मालदीव में राष्ट्रपति मुइज्जू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग उठने लगी है। वहां के एक सांसद ने यह मांग की है। इसके साथ ही मालदीव के कई अन्य नेताओं ने भी भारत विरोधी बयानबाजी के लिए अपनी सरकार की तीखी आलोचना की। मालदीव के पूर्व खेल मंत्री अहमद महलूफ ने कहा कि भारत के ‘बायकॉट’ का मालदीव की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर देखने को मिल सकता है।

मालदीव के राष्ट्रपति को सत्ता से हटाने की तैयारी

मालदीव की विपक्षी पार्टी (मालदीव डेमोक्रेटिक पार्टी) के नेता अली अजीम ने मांग की है कि राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जु को सत्ता से हटाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा – हमें पड़ोसी देशों को अलग करने से बचना है। इसके बाद उन्होंने अपनी पार्टी से पूछा कि क्या वो मुइज्जू को हटाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने आगे पूछा- क्या मालदीव डेमोक्रेटिक पार्टी मुइज्जू के खिलाफ अविश्वास  प्रस्ताव लाएगी ?

मालदीव के पूर्व खेल मंत्री ने अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता जताई

दूसरी तरफ, मालदीव के पूर्व खेल मंत्री अहमद महलूफ ने अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि भारत के बायकॉट के कारण मालदीव की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ेगा। मुझे चिंता है कि हमें नुकसान से उभर पाना काफी मुश्किल होने वाला है। वहीं, मालदीव के दूसरे सांसद मिकेल नसीम ने संसद से विदेश को तलब करने और उनसे सवाल करने की मांग उठाई है।

हम भारत के साथ रिश्तों के लिए आभारी : मालदीव की टूरिज्म इंडस्ट्री

मालदीव के टूरिज्म इंडस्ट्री MATI ने मंगलवार को भारत और पीएम मोदी के खिलाफ की गई अपने मंत्रियों की अपमानजनक बयानबाजी की आलोचना की है। MATI ने प्रेस रिलीज जारी कर कहा – भारत हमारा साझेदार है। मुसीबत के वक्त भारत ही हमारी मदद के लिए सबसे पहले आगे आता है। हम चाहते हैं कि ये साझेदारी आगे भी बनी रहे। हम उस हर एक्शन और बयानबाजी की कड़ी निंदा करते हैं, जिससे दोनों देशों के संबंध बिगड़ सकते हैं

इजराइल लक्षद्वीप में शुरू करेगा ये प्रोजेक्ट

इजरायल की एम्बेसी ने सोमवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर लक्षद्वीप में एक प्रोजेक्ट स्टार्ट करने की जानकारी दी है। इजराइल ने कहा- लक्षद्वीप में हम (मंगलवार 9 जनवरी 2024) से सी-वॉटर प्यूरीफाइंग प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने जा रहे हैं। हमने पिछले साल लक्षद्वीप का दौरा किया था। वो लोग जिन्होंने लक्षद्वीप की खूबसूरती को अब तक नहीं निहारा, उन्हें लक्षद्वीप की ये कुछ तस्वीरें जरूर देखनी चाहिए। इस प्रोजेट से सुमद्र के खारे पानी को पीने के योग्य बनाया जाएगा।

कैसे हुई मालदीव से रिश्ते खराब होने की शुरुआत ?

दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में लक्षद्वीप का दौरा किया था। उन्होंने अपनी समुद्र किनारे टहलते और समय बिताते हुए कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की थीं। इसके साथ ही लोगों से लक्षद्वीप घूमने जाने के लिए भी कहा था। जिसके बाद सोशल मीडिया पर लक्षद्वीप ट्रेंड करने लगा। फोटो वायरल होते ही भारत के लक्षद्वीप की मालदीव से तुलना भी शुरू हो गई।

मामला इतना बढ़ गया कि लोग मालदीव छोड़कर लक्षद्वीप जाने की बात करने लगे। देखते ही देखते सोशल मीडिया पर बायकॉट मालदीव ट्रेंड करने लगा। यह देखकर मालदीव के मंत्रियों ने भारत विरोधी बयान दे दिया। उनका कहना है कि, सर्विस में हमारी बराबरी कैसे करोगे। भारत के तट मालदीव के समुद्री तटों के सामने कुछ नहीं हैं। इसके बाद से ही बड़े से बड़े सेलिब्रिटी से लेकर आम आदमी तक सभी लक्षद्वीप के समर्थन में आगे आ रहे हैं। ट्विटर पर #BoycottMaldives ट्रेंड हो रहा है।

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