
बिजनेस डेस्क। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को कहा है कि अब यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी (UPI) से ATM में पैसा भी जमा किया जा सकेगा। फिलहाल लोगों को कैश ले जाकर मशीन में डालना पड़ता है और एक प्रोसेस के बाद ही पैसा किसी अकाउंट में ट्रांसफर होता है। उन्होंने कहा कि यह सर्विस CDM (कैश डिपॉजिट मशीन) में उपलब्ध कराई जाएगी। अभी CDM से कैश डिपॉजिट करने के लिए डेबिट कार्ड का इस्तेमाल किया जाता है। इस नई सुविधा के जरिए देश के करोड़ों लोगों को अब एटीएम कार्ड की जरूरत नहीं पड़ेगी और वे सीधे अपने UPI के जरिए पैसे जमा और निकाल सकेंगे।
कार्ड ब्लॉक होने पर भी जमा होगा पैसा
यदि RBI, UPI से कैश डिपॉजिट की सुविधा लाता है तो जेब में कार्ड रखने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। इससे ATM कार्ड चोरी हो जाने या बनवाने की समस्याएं ही दूर हो जाएंगी। साथ ही अगर ATM कार्ड खो जाता है तो उसे ब्लॉक कराने के बाद भी कैश डिपॉजिट करने में समस्या नहीं होगी।
The new website and mobile application of the Reserve Bank of India was released today by Governor Shri Shaktikanta Das. The new website and mobile app can be accessed using the URL https://t.co/0RCqgVMy8g or through the QR codes below.
Press Release: https://t.co/xSzRWivC01… pic.twitter.com/M7K387arxe
— ReserveBankOfIndia (@RBI) April 5, 2024
ऐसे काम करेगी नई तकनीक
RBI, ATM मशीन पर UPI की यह नई सुविधा एड करेगा। इसके बाद थर्ड पार्टी ऑनलाइन पेमेंट एप के जरिए एटीएम मशीन से UPI के जरिए कैश डिपॉजिट कर सकेंगे। इसके तहत एटीएम की स्क्रीन पर ही UPI/QR Code का ऑप्शन आएगा। जैसे ही इसे स्कैन करेंगे तो इसके बाद खाते की बैंक डिटेल दर्ज करनी होगी। QR Code स्कैन करने के बाद UPI PIN डालते ही बैंकिंग डिटेल्स स्क्रीन पर नजर आने लगेंगी। इस डिटेल को कंफर्म करने के बाद कैश एटीएम मशीन में रखना होगा। इसके बाद वही प्रोसेस अपनाया जाएगा जो कार्डलेस डिपॉजिट के दौरान होता है।
UPI की अहमियत समझें
यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस यानी UPI को नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने डेवलप किया है। NPCI ने 2016 में इसे लॉन्च किया था। UPI में रियल टाइम पेमेंट सिस्टम होता है, जिसकी मदद से आप एक बैंक के अकाउंट से दूसरे बैंक के अकाउंट में पैसा तुरंत ट्रांसफर कर पाते हैं। इससे पहले डिजिटल वॉलेट का चलन था। वॉलेट में KYC जैसी झंझट है, जबकि UPI में ऐसा कुछ नहीं करना पड़ता। यह सीधा अकाउंट से लिंक होता है। यह मनी ट्रांजेक्शन का सबसे उन्नत डिजिटल जरिया माना जाता है।