बेंगलुरु। कर्नाटक के मांड्या से निर्दलीय सांसद सुमलता अंबरीश शुक्रवार को भाजपा में शामिल हो गईं। सुमलता ने यह कदम बीजेपी की ओर से आगामी लोकसभा चुनाव में मांड्या सीट अपने गठबंधन सहयोगी जनता दल- सेक्यूलर (जद-एस) को देने के फैसले के बाद उठाया है। पूर्व सीएम बीएस येदियुरप्पा, विजयेंद्र येदियुरप्पा, आर अशोक, राधा मोहन दास अग्रवाल और डीवी सदानंद गौड़ा सहित प्रमुख भाजपा नेताओं ने शहर में पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में सुमलता का पार्टी में स्वागत किया।
सुमलता ने चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया
सुमलता ने पहले मांड्या सीट से चुनाव के लिए भाजपा का टिकट मांगा था, जिसका प्रतिनिधित्व पहले उनके दिवंगत पति एमएच अंबरीश करते थे। पार्टी ने जद-एस को टिकट देने का फैसला किया, जिसके बाद सुमलता ने अपने समर्थकों से विचार- विमर्श के बाद चुनाव नहीं लड़ने और भाजपा में शामिल होने का निर्णय लिया।
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2019 में पूर्व सीएम के बेटे को हराया था
सुमलता ने 2019 के चुनावों में भाजपा के समर्थन से एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के बेटे एवं जद-एस के नेता निखिल कुमारस्वामी को हराकर मांड्या सीट जीती। इस चुनाव में सुमलता और जद-एस तथा कांग्रेस गठबंधन के बीच कड़ी प्रतिद्वंद्विता रही। सुमलता का 2019 में तब राजनीति में प्रवेश हुआ जब कांग्रेस से उनके दिवंगत पति सांसद थे, उन्हें मांड्या सीट के लिए टिकट देने से इनकार कर दिया। कांग्रेस ने जद-एस के साथ गठबंधन समझौते के हिस्से के रूप में यह सीट उसे दे दी थी।
मांड्या में लोकप्रिय नेता रहे एमएच अंबरीश ने कांग्रेस और जनता दल दोनों की सरकारों के तहत विभिन्न राजनीतिक पदों पर कार्य किया था। सुमलता की 2019 में जीत का श्रेय उनके पति की मृत्यु के बाद की सहानुभूति की लहर को दिया गया। अपने अभियान के दौरान उन्हें लोकप्रिय कन्नड़ फिल्म सितारों दर्शन थुगुदीपा, यश (नवीन कुमार गौड़ा) और अपने बेटे अभिषेक अंबरीश से व्यापक समर्थन मिला।
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