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प्रताड़ना की इंतेहा : 16 साल से कैद महिला को पुलिस ने किया रेस्क्यू, पलंग पर बेहोश पड़ी थी; जानें क्या है पूरा मामला

भोपाल। जहांगीराबाद इलाके के एक घर में 16 साल से कैद एक महिला को पुलिस ने रेस्क्यू किया है। महिला की हालत बहुत गंभीर है, रेस्क्यू करने के बाद उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित महिला के पिता द्वारा शनिवार शाम करीब 4 बजे शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद महिला थाना पुलिस ने महिला को सिर्फ 1 घंटे के अंदर रेस्क्यू कर लिया।

क्या है पूरा मामला

महिला थाना पुलिस के मुताबिक नरसिंहपुर निवासी किशन लाल साहू शनिवार शाम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके तत्काल बाद महिला थाने की पुलिस ने जहांगीराबाद पुलिस की मदद से कोली मोहल्ले के एक तीन मंजिला घर में दबिश दी गई। यहां तीसरी मंजिल पर बने एक कमरे में बेहद गंभीर हालत में महिला मिली। वह पलंग पर बेहोश पड़ी थी। पीड़ित महिला को इलाज के लिए प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस का कहना है कि महिला की हालत ठीक होने के बाद उसके बयान लिए जाएंगे, उसके बाद पति समेत सुसराल पक्ष पर कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस के अनुसार, महिला थाना में किशन लाल साहू निवासी जिला नरसिंहपुर ने आवेदन दिया था कि उनकी बेटी रानू साहू (40) का विवाह साल 2006 में रिंकू साहू निवासी जहांगीराबाद के साथ किया था।  वर्ष 2008 के बाद से उन्हें बेटी से उसके ससुराल वालों ने मिलने नहीं दिया। बेटी के दो बच्चे  (बेटा-बेटी) हैं, लेकिन वह इस समय कहां हैं, इसकी कोई जानकारी नहीं है। ससुराल पक्ष द्वारा प्रताड़ित किए जाने से बेटी की हालत बहुत खराब है। बेटी के ससुराल के पास रहने वाले पड़ोसियों ने बेटी के फोटो के साथ खबर दी थी। इसके बाद पिता ने थाने में शिकायत की।

आर्थिक स्थिति खराब होने से नहीं कराया इलाज: ससुर

पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद पीड़ित महिला के ससुर को महिला थाने तलब किया गया। महिला के ससुर मनोहर लाल साहू से पूछताछ की गई। इस दौरान मनोहर लाल ने बताया कि बहू की मानसिक हालत ठीक नहीं है। एक साल पहले तक उसका इलाज कराया गया, लेकिन वह ठीक नहीं हुई। हमारी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। हम इलाज नहीं करा सकते।

ससुराल पक्ष के खिलाफ की जाएगी कार्रवाई

कोली मोहल्ले की एक संकरी गली में बिल्डिंग की तीसरी मंजिल पर महिला गंभीर हालत में मिली। बिल्डिंग की पहली मंजिल पर महिला का ससुर और दूसरी पर बेटा रहता है। तीसरी मंजिल के एक कमरे में महिला को बंद कर रखा था। जांच के बाद ससुराल पक्ष पर होगी कार्रवाई।

 -शिल्पा कौरव, टीआई, महिला थाना

एक्सपर्ट व्यू

इतने लंबे समय तक किसी को बंद करके रखा जाता है, तो उसका सोशल इंटरेक्शन बंद हो जाता है तो उसके मानसिक रोगी होने की आशंका बढ़ जाती है। डिप्रेशन, एंजाइटी, पोस्ट ट्रॉमेटिक डिसऑर्डर का रिस्क बढ़ जाता है। प्रॉपर मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण और इलाज की किया जाना चाहिए।

-डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी, मनोचिकित्सक

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