
नई दिल्ली। दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर में कोचिंग हादसे के बाद कोचिंग सेंटर के मालिक और कॉर्डिनेटर को हिरासत में ले लिया गया है। कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भरने से तीन छात्रों की मौत हो गई थी। हादसे के बाद स्टूडेंट ने MCD के खिलाफ प्रदर्शन किया, उनका दावा है कि- 8 से 10 लोगों की जान गई है। पुलिस ने क्रिमिनल केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं मंत्री आतिशी ने घटना के मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं।
MCD के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट
घटना से गुस्साए छात्र देर रात से ही स्टूडेंट ने MCD के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों में शामिल एक चश्मदीद का कहना है कि, कोचिंग से बाहर निकलने का 1 ही गेट है। बेसमेंट तक जाने का 1 ही रास्ता है। यह पूरी तरह से लापरवाही का मामला है, आधे घंटे की बारिश में ही घुटने तक पानी भर जाता है। दोषियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए और हादसे में घायल होने और जान गंवाने वालों की सही संख्या बताई जानी चाहिए। प्रदर्शनकारी छात्रों का दावा है कि 8-10 लोगों की जानें गई हैं। वहीं पुलिस ने बताया कि 2 लोगों को हिरासत में ले लिया गया है, उनसे पूछताछ की जा रही है।
हादसे में जान गंवाने वालों की हुई पहचान
हादसे में जान गंवाने वाले तीनों छात्रों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल लाया गया है। तीनों छात्रों की पहचान हो गई है। केरल का रहने वाला छात्र नेविन डाल्विन (28) बीते आठ महीनों से IAS की तैयारी कर रहा था। वह दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी से PHD भी कर रहा था।
इसके अलावा जिन छात्राओं की मौत हुई उनकी पहचान तान्या सोनी (25) और श्रेया यादव (25) के रूप में हुई है। उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर की रहने वाली श्रेया ने 1 महीने पहले ही राव कोचिंग सेंटर में एडमिशन लिया था।

बायोमेट्रिक गेट की वजह से हुईं मौतें?
चश्मदीद छात्र ने बताया कि, राव कोचिंग सेंटर की लाइब्रेरी बेसमेंट में है। शाम 7 बजे लाइब्रेरी बंद हो रही थी, उसी समय स्टूडेंट बाहर निकल रहे थे। इसी दौरान बहुत तेज प्रेशर से पानी अंदर आने लगा और कई छात्र वहां फंस गए। लाइब्रेरी से निकलने का 1 ही गेट है। बेसमेंट से निकलने के लिए भी 1 ही सीढ़ी है। कोचिंग सेंटर से एंट्री-एग्जिट के रिकॉर्ड के लिए गेट पर बायोमेट्रिक सिस्टम लगा रखा था। ऐसे में पानी भरने की वजह से वह फेल हो गया और छात्र अंदर ही फंसे रह गए।
महज 2-3 मिनट में ही पूरे बेसमेंट में 10-12 फीट पानी भर गया था। बच्चे बेंच पर खड़े हुए थे। बच्चों को बचाने के लिए रस्सियां फेंकी गईं, लेकिन पानी गंदा होने की वजह से रस्सियां दिखाई नहीं दी।

पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया
फायर ऑफिसर अतुल गर्ग के मुताबिक, शाम करीब 7 बजे कोचिंग के बेसमेंट में पानी भरने की सूचना मिली। जिसके बाद फायर ब्रिगेड की 5 गाड़ियां भेजी गईं। सड़क पर पानी भरे होने के कारण शुरुआत में बेसमेंट से पानी नहीं निकल रहा था। बेसमेंट में पानी भरने से तीन छात्रों के फंसने की खबर मिली थी। शुरुआत में बेसमेंट में पानी भरने से दो छात्राओं की मौत की खबर थी जबकि एक लापता बताया जा रहा था। लेकिन बाद में तीनों के शव बरामद कर लिए गए।
पुलिस ने घटना को लेकर क्रिमिनल केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने बीएनएस की धारा 105, 106(1), 152, 290 और 35 के तहत एफआईआर दर्ज की है। कोचिंग सेंटर का मैनेजमेंट और सिविक एजेंसी के लोग जांच के दायरे में हैं। फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंच चुकी है। वहीं 2 लोगों को हिरासत में ले लिया गया है, उनसे पूछताछ की जा रही है।
आतिशी ने दिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश
दिल्ली सरकार की शिक्षा मंत्री आतिशी ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने हादसे पर 24 घंटे के अंदर रिपोर्ट मांगी है। आतिशी ने मुख्य सचिव नरेश कुमार को कोचिंग संस्थान के बेसमेंट में पानी भरने और छात्रों के फंसने की घटना की मजिस्ट्रेट जांच शुरू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि, इस दुर्घटना के लिए जो भी जिम्मेदार होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
AAP के विधायक दुर्गेश पाठक ने आशंका जताई कि आसपास नाला या सीवर फटने से पानी भरा होगा। उन्होंने कहा कि, भाजपा जवाब दे कि 15 साल से उनका पार्षद था, क्या किया? वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने आप पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि- केजरीवाल, आतिशी, उनकी सरकार और दिल्ली नगर निगम के भ्रष्टाचार की जांच होनी चाहिए। नाले की सफाई क्यों नहीं हुई?
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