ताजा खबरराष्ट्रीय

Karnataka CM Oath Ceremony : कर्नाटक में सिद्धारमैया ने दूसरी बार CM की शपथ ली, डिप्टी सीएम बने डीके शिवकुमार

बेंगलुरु। कर्नाटक में सिद्धारमैया ने दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इसके अलावा डीके शिवकुमार ने नई सरकार में उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। बेंगलुरु के कांटेरावा स्टेडियम में राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने उन्हें पद की शपथ दिलाई। कांग्रेस ने 135 सीटों, बीजेपी ने 66 सीटों और जेडीएस ने 19 सीटों पर जीत हासिल की है।

सीएम-डिप्टी सीएम और 8 मंत्री मंच पर पहुंचे

राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने डॉ. जी परमेश्वर, केजे जॉर्ज, के एच मुनियप्पा, सतीश जरकीहोली, जमीर अहमद, रामलिंगा रेड्डी, रियांक खड़गे और एम बी पाटिल को मंत्री पद की शपथ दिलाई। इसके बाद सीएम और डिप्टी सीएम समेत सभी नए मंत्री मंच पर पहुंचे।

कर्नाटक का अब विकास होगा : खड़गे

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि, आज मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री सहित आठ विधायक मंत्रीपद के लिए शपथ लेंगे। यह खुशी की बात है कि कर्नाटक में नई सरकार, मज़बूत सरकार आई है। इससे कर्नाटक का विकास होगा और साथ ही देश में अच्छा माहौल बनेगा।

सिद्धारमैया का पलड़ा कहां रहा भारी?

  • कर्नाटक में सिद्धारमैया कांग्रेस के सबसे बड़े नेताओं में से एक हैं। सिद्धारमैया ने अपने राजनीतिक जीवन में 12 चुनाव लड़े, इनमें से 9 में जीत हासिल की। उन्हें शुरुआत से ही सीएम पद के लिए डीके शिवकुमार से ज्यादा मजबूत दावेदार माना जा रहा था।
  • सिद्धारमैया सीएम रहे हैं, वे इससे पहले 1994 में जनता दल सरकार में कर्नाटक के उप-मुख्यमंत्री थे। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का कोई मामला भी नहीं है, जबकि डीके शिवकुमार के खिलाफ कई मामले चल रहे हैं और वे जेल भी जा चुके हैं।
  • सिद्धारमैया और डीके दोनों ही गांधी परिवार के करीबी माने जाते हैं। 2008 में सिद्धारमैया को जेडीएस से कांग्रेस में लाने में मल्लिकार्जुन खड़गे की अहम भूमिका मानी जाती है। ऐसे में वे खड़गे के काफी करीबी बताए जाते हैं।
  • 2013 से 2018 तक सिद्धारमैया कर्नाटक के सीएम रहे। इस दौरान उन्होंने कर्नाटक में नायक के तौर पर टीपू सुल्तान को स्थापित करने की कोशिश की। ऐसे में मुस्लिम समुदाय में उनकी अच्छी पैठ मानी जाती है।
  • सिद्धारमैया कुरुबा समुदाय (ओबीसी) से आते हैं, जो कर्नाटक में तीसरा बड़ा समुदाय है। सिद्धारमैया राज्य के सबसे बड़े ओबीसी नेता माने जाते हैं।

50-50 फॉमूले से सहमत नहीं थे डीके-सिद्धारमैया

डीके शिवकुमार मंगलवार शाम 5.30 बजे खड़गे से मिलने पहुंचे। दोनों के बीच करीब एक घंटे तक चर्चा चली। वहीं कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया भी खड़गे के घर पहुंचे, वे करीब डेढ़ घंटे तक वहां रहे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहले चर्चा थी कि डीके-सिद्धारमैया को आधे-आधे कार्यकाल का CM बनाया जाएगा, लेकिन दोनों नेता 50-50 फॉमूले से सहमत नहीं थे।

कर्नाटक चुनाव के नतीजे ऐसे रहे-

10 मई को सूबे की 224 विधानसभा सीटों पर 72.82 फीसदी लोगों ने वोट डाले थे। इस बार चुनाव में कुल 2,615 उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई है।

पार्टी जीते 2018
कांग्रेस 135  80
बीजेपी 66  104
जेडीएस 19  37
अन्य 04  03
टोटल 224  224

ये भी पढ़ें- Karnataka Election Results 2023 : कर्नाटक में कांग्रेस की बंपर जीत, PM मोदी ने कांग्रेस को दी बधाई

संबंधित खबरें...

Back to top button