बच्चों की पिटाई का VIDEO वायरल, पटवारी ने मांगा सरकार से जवाब, BJP ने कहा- MP को बदनाम करने की साजिश

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कुछ बच्चों की अमानवीय तरीके से पिटाई से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करते हुए इस मामले को लेकर सरकार से जवाब मांगा है। वीडियो में एक व्यक्ति कुछ बच्चों को रस्सी से बांधकर उनकी बुरी तरह पिटाई करते हुए दिखाई दे रहा है। वहीं भाजपा ने इसे राज्य को बदनाम करने की कांग्रेस की साजिश बताया है। जबलपुर एसपी ने कहा कि ये घटना स्थल जबलपुर जिले का होना नहीं पाया गया है।
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पटवारी ने पूरे दलित समाज से माफी मांगने की मांग
जीतू पटवारी का आरोप है कि ये बच्चे दलित समाज के हैं और उनकी पिटाई सिर्फ इसलिए की जा रही है। क्योंकि, उन्होंने कुएं से पानी पी लिया। हालांकि वीडियो कहां का है, ये अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है। पटवारी ने वीडियो पोस्ट करते हुए कहा, ''दिल दहलाने वाला ये द्दश्य पत्थर दिल को भी विचलित कर सकते हैं! रोते/बिलखते/चीखते इन बच्चों ने सिर्फ कुएं से पानी पी लिया था! और, ये तालिबानी सजा इसलिए दी गई कि ये मासूम दलित हैं! नरेंद्र मोदी जी, गौर से देख लें कि भाजपा द्वारा फैलाया जा रहा नफरत का नंगा नाच अब मासूम जिंदगियों से भी सांसों का सौदा करना चाहता है! सोचना यह भी होगा कि कानून से खिलवाड़ करने वाले डॉ. मोहन यादव सरकार में ज्यादा क्यों दिखाई दे रहे हैं?'' पटवारी ने अपनी एक्स पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और दोनों के कार्यालयों को टैग किया है। उन्होंने सरकार से दोषियों को चिन्हित करने, कड़ी कार्रवाई करने और पूरे दलित समाज से तत्काल माफी मांगने की मांग की है। [embed]https://twitter.com/Ashish_HG/status/1759442693627798011[/embed]राजनीतिक मोतियाबिंद हो ही जाता है : बीजेपी
इधर, प्रदेश भाजपा के मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने अपनी एक्स पोस्ट में पटवारी को उनकी पोस्ट पर जवाब दिया है। अग्रवाल ने कहा,‘‘जीतू पटवारी जी, टूटता दल हो, बिखरता बल हो.. और चिंता में आज और कल हो.. तो आंखों में राजनीतिक मोतियाबिंद हो ही जाता है! लेकिन इस हताशा और निराशा में किसी दूसरे राज्य के वीडियो को अपने मध्य प्रदेश का बताकर बदनाम ना करें... अब ध्यान से समझें और जो वीडियो पोस्ट कर रहा हूं, उसको बार बार देखें... 1- वीडियो के बच्चों की भाषा जबलपुर या मध्य प्रदेश की नहीं है। 2- वीडियो में पानी नहीं बल्कि ‘पैसे' निकालने की बात कर रहे हैं। 3- मीडिया रिपोर्ट कहती हैं कि वीडियो एमपी का नहीं 4- स्थानीय पुलिस और लोगों ने वीडियो की प्राथमिक जांच करके इसे दूसरे राज्य का बताया है। अग्रवाल ने कहा कि पटवारी को मध्य प्रदेश को बदमान करने के एक और प्रयास के लिए मध्यप्रदेश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।





















