दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाया जंतर-मंतर, भड़के अभिजीत दीपके बोले- अब पूरा देश बनेगा जंतर-मंतर!

दिल्ली के जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थलों की सूची से हटाए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के Founder अभिजीत दीपके ने इस फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि अब पूरा देश जंतर-मंतर बनेगा। वहीं, पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए इसे लोगों के विरोध करने और शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने के अधिकार पर हमला बताया है। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर की जगह अब रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबीडी मैदान को प्रदर्शन के लिए निर्धारित किया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या इस फैसले के बाद CJP अपने आंदोलन की रणनीति बदलेगी?
जंतर-मंतर को लेकर क्यों मचा बवाल?
दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल के रूप में गैर-अधिसूचित कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अब इसे आधिकारिक तौर पर निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची में शामिल नहीं रखा गया है। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब CJP जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के लिए नई तारीख मांगने की तैयारी कर रही थी। पार्टी के नेताओं ने पुलिस से संपर्क कर प्रदर्शन की अनुमति और तारीख लेने की बात कही थी। अब जंतर-मंतर को सूची से हटाए जाने के बाद संगठन ने इस फैसले पर सवाल उठाए हैं।
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अभिजीत दीपके का बड़ा बयान, बोले- 'अब पूरा देश बनेगा जंतर-मंतर'
CJP के अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर दिल्ली पुलिस के फैसले पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन की निर्धारित जगह से हटा दिया गया है। दीपके ने अपने बयान में सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जंतर-मंतर पहले ही एक ऐसी जगह बन चुका था, जहां उनके मुताबिक विरोध के लिए मुश्किल हालात पैदा किए गए। उन्होंने इसके बाद कहा, 'अब पूरा देश जंतर-मंतर बनेगा!'
सौरव दास ने PM मोदी पर साधा निशाना
CJP के सह-संयोजक सौरव दास ने भी इस फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने 'एक्स' पर लिखा कि जंतर-मंतर भारत के लोगों का है और इसे प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल की सूची से हटाने से पहले लोगों, संगठनों और संबंधित पक्षों से सलाह ली गई या नहीं, इस पर सवाल उठाए। दास ने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि यह फैसला लोगों के शांतिपूर्ण तरीके से इकट्ठा होने और विरोध दर्ज कराने के मौलिक अधिकार पर हमला है। उन्होंने यह भी कहा कि जंतर-मंतर को सूची से हटाना एक बड़ी राजनीतिक चिंता का विषय है। अपने पोस्ट के आखिर में उन्होंने अभिजीत दीपके के बयान को दोहराते हुए कहा कि अब पूरा देश ही जंतर-मंतर बन रहा है।
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अब कौन-सी तीन जगह तय की गईं?
दिल्ली पुलिस के आदेश के मुताबिक, जंतर-मंतर की जगह राजधानी में विरोध-प्रदर्शन और धरने आयोजित करने के लिए तीन स्थान निर्धारित किए गए हैं।
- रामलीला मैदान: मध्य दिल्ली में स्थित इस मैदान को प्रदर्शन के लिए निर्धारित किया गया है।
- बुराड़ी मैदान: उत्तरी दिल्ली में स्थित यह मैदान भी नए निर्धारित स्थलों में शामिल है।
- सीबीडी मैदान: पूर्वी दिल्ली के इस मैदान को भी विरोध-प्रदर्शन और धरने के लिए तय किया गया है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, इन तीनों स्थानों पर प्रदर्शन आयोजित करने के लिए विस्तृत और संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) अलग से जारी की जाएगी। यानी प्रदर्शन के आयोजन, अनुमति और संबंधित प्रक्रियाओं के बारे में विस्तृत नियम अलग आदेश में बताए जाने हैं।
किस आधार पर लिया गया जंतर-मंतर को हटाने का फैसला?
दिल्ली पुलिस के आदेश में बताया गया है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने विरोध-प्रदर्शन के लिए मौजूदा निर्धारित स्थलों के विकल्पों की समीक्षा करने के लिए एक कमेटी बनाई थी। कमेटी की सिफारिशों के आधार पर जंतर-मंतर को निर्धारित स्थल के रूप में गैर-अधिसूचित किया गया। यह आदेश 28 अप्रैल 2022 को जारी पिछले स्थायी आदेश में आंशिक संशोधन के रूप में जारी किया गया है। इस फैसले के बाद अब प्रदर्शन करने वाले संगठनों को नए निर्धारित स्थानों और उन पर लागू होने वाली प्रक्रियाओं के अनुसार अपनी योजना बनानी होगी। हालांकि, किसी भी प्रदर्शन की अनुमति और उसके लिए लागू शर्तों की जानकारी संबंधित आधिकारिक आदेश से ही स्पष्ट होगी।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की तारीख मांगने वाली थी CJP
जंतर-मंतर को लेकर विवाद उस समय और महत्वपूर्ण हो गया, जब CJP ने वहां शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए नई तारीख मांगने की तैयारी की थी। पार्टी के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने रविवार को बताया था कि वह सोमवार सुबह 10 बजे अन्य नेताओं के साथ संसद मार्ग थाने जाएंगे। इस प्रतिनिधिमंडल में सौरव दास, कानूनी टीम की प्रमुख रत्ना सिंह और संगठन के अन्य नेता शामिल होने वाले थे। रांका ने कहा था कि दिल्ली पुलिस को 24 घंटे के भीतर प्रदर्शन की तारीख देने का मौका दिया जाएगा। ऐसा नहीं होने पर CJP नए प्रदर्शन का आह्वान कर सकती है।



















