
छिंदवाड़ा। विश्वविद्यालय शिक्षा का केंद्र होते हैं और ये इक विद्यार्थी को तालीम के साथ उन्हे एक जिम्मेदार नागरिक बनने की सीख भी देते हैं, लेकिन छिंदवाड़ा में जो हुआ वह इसके ठीक उलट है। यहां के राजा शंकरशाह विश्वविद्यालय का रजिस्ट्रार मेघराज निनामा 25 हजार रूपए की घूस लेते हुए लोकायुक्त के शिकंजे में फंस गया। लोकायुक्त पुलिस ने कुल सचिव को उनके ही दफ्तर में 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
कॉलेज संचालन के नाम पर मांगी थी 50 हजार घूस
राजा शंकरशाह यूनिवर्सिटी छिंदवाड़ा का रजिस्ट्रार मेघराज निनामा के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस जबलपुर को शिकायत मिली थी। शिकायतकर्ता अनुराग कुशवाहा कंप्यूटर एंड प्रोफेशनल स्टेट्स ऑफ कंप्यूटर्स एंड प्रोफेशनल स्टडीज नामक कॉलेज के संचालक हैं। उनसे कॉलेज के संचालन में आने वाली अनुमतियों के लिए कुलसचिव ने 50 हजार की रिश्वत मांगी थी। बाद में दोनों के बीच तय हुआ कि घूस की रकम दो किस्तों में दी जाएगी।
इस दौरान लोकायुक्त पुलिस ने शिकायत मिलते ही अपना जाल बिछाया। आवेदक ने 25 हजार की रकम लेकर जैसे ही कुलसचिव को दी, पास ही सादे कपड़ों में मौजूद लोकायुक्त की टीम ने उन्हें दबोच लिया। फिलहाल लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई कर आरोपी को जमानत पर छोड़ दिया है।