
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गुरु तेग बहादुर के 400वें प्रकाश पर्व के मौके पर लाल किले से देश से संबोधित करेंगे। यह पहली बार है जब प्रधानमंत्री मुगलकालीन स्मारक से सूर्यास्त के बाद देश को संबोधित करेंगे। इस खास मौके पर पीएम एक सिक्का और डाक टिकट भी जारी करेंगे। संस्कृति मंत्रालय के अनुसार यह संबोधन लाल किले की प्राचीर से नहीं बल्कि लॉन से होगा।
कितने बजे होगा पीएम मोदी का संबोधन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन रात 9:15 बजे शुरू होगा। PMO द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, केंद्र सरकार और दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सहयोग से यह कार्यक्रम किया जा रहा है। 20 से 21 अप्रैल तक चलने वाले शबद कीर्तन में देश के अलग-अलग इलाकों से आए रागी (सिख संगीतकार) और बच्चे भाग ले रहे हैं।
गुरु तेग बहादुर के जीवन को दर्शाने वाला भव्य लाइट एंड साउंड शो भी होगा। इसके अलावा सिखों की पारंपरिक मार्शल आर्ट गटका का भी आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम नौवें सिख गुरु, गुरु तेग बहादुर के उपदेशों को रेखांकित करने पर केंद्रित है।
औरंगजेब ने दिया था गुरु तेग बहादुर को फांसी का आदेश
संस्कृति मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, इसी किले से मुगल शासक औरंगजेब ने 1675 में सिखों के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर को फांसी देने का आदेश दिया था, यही कारण है कि लाल किले को गुरु तेग बहादुर की 400वीं जयंती के आयोजन स्थल के रूप में चुना गया। जानकारी के मुताबिक, इस कार्यक्रम में देशभर के 11 मुख्यमंत्री और प्रमुख सिख नेता शामिल होंगे। इसमें 400 सिख ‘जत्थेदारों’ के परिवारों को भी आमंत्रित किया गया है, जिनमें अमृतसर के स्वर्ण मंदिर के लोग भी शामिल हैं।
कश्मीरी पंडितों की धार्मिक आजादी का किया था समर्थन
गुरु तेग बहादुर ने विश्व इतिहास में धर्म और मानवीय मूल्यों, आदर्शों और सिद्धांतों की रक्षा के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया। गुरु तेग बहादुर ने कश्मीरी पंडितों की धार्मिक आजादी का समर्थन किया था। 24 नवंबर को हर साल उनकी पुण्यतिथि शहीदी दिवस के रूप में मनाई जाती है। दिल्ली में गुरुद्वारा सीस गंज साहिब और गुरुद्वारा रकाब गंज उनके पवित्र बलिदान से जुड़े हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दी श्रद्धांजलि
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुरु तेग बहादुर की 400वीं जयंती पर लाल किले पर हुए कार्यक्रम में पहुंचे। उन्होंने सिख गुरु तेग बहादुर को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि, गुरु ने हिंदू धर्म की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया। सिख गुरु के बलिदान ने भारत की आजादी के बीज बोए थे। गुरु तेग बहादुर ने हिंदू धर्म की रक्षा के लिए खुद को बलिदान कर दिया। उन्होंने कश्मीरी पंडितों को भी मुगलों के अत्याचार से बचाया था।
ये भी पढ़ें- 22 अप्रैल को भोपाल आएंगे गृह मंत्री अमित शाह, SPG ने संभाली सुरक्षा कमान